केन्द्रीय मंत्री के घर पहुँच रहा है गंदा पानी, झुग्गी-झोपड़ियों का हाल क्या होगा?

दिल्ली में काफी समय से पीने के पानी को लेकर बवाल मचा हुआ है. दिल्ली चुनाव के दौरान पीने वाले गंदे पानी को जमकर मुद्दा बनाया गया था. लोगो ने इस बात की शिकायत की थी. कई जगहों से पानी के सैम्पल भी इकट्ठे किये गये थे जी अधिकतर फेल ही साबित हुए थे. इस पर दिल्ली सरकार की तरफ से कहा गया था कि जांच राजनीति से प्रेरित हैं. मतलब केजरीवाल सरकार की छवि को ख़राब करने के लिए बीजेपी ने सबकुछ करवाया है.  लेकिन अब को खबर सामने आई है वो आपको परेशान कर सकती है. आप चिंतित हो सकते हैं.. कि जब देश के केन्द्रीय मंत्री के घर पीने लायक पानी नही पहुंचा रहा है वो भी दिल्ली के सबसे vip इलाके में, तो आम लोगों की झुग्गियों और बस्तियों का क्या हाल होगा!

दरअसल केन्द्रीय मंत्री राम विलास पासवान के आवास से लिये गये पीने के पानी का नमूना आईएसओ ISO मानकों पर खरा नहीं उतरा. यह बात भारतीय मानक ब्यूरो (बीआईएस BIS) ने शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) को बताई. बीआईएस ने बताया कि केंद्रीय मंत्री के आवास से लिया गया पीने के पानी का नमूना गंध व अल्यूमीनियम, कॉलीफॉर्म के मानक के अनुरूप नहीं था.

बीआईएस की रिपोर्ट में दिल्ली में विभिन्न जगहों से लिए गए पीने के पानी (नल से आपूर्ति किया जाने वाला पानी) के सभी 11 नमूने आईएसओ के मानकों पर खरे नहीं उतरे हैं. रिपोर्ट के अनुसार, देश की राजधानी में नगरपालिका/निगम/जलबोर्ड द्वारा लोगों के घरों में आने वाले पानी के नमूने लिए गए थे जिनकी जांच के लिए नेशनल एक्रीडेशन बोर्ड लेबोरेटरी भेजा गया था.

अब सुर्पीम कोर्ट ने इस मामले को लेकर दिल्ली सरकार और केंद्रीय प्रदूषण बोर्ड से 15 दिनों के भीतर पानी के नमूनों पर एक विस्तृत रिपोर्ट मांगी है,

लेकिन आपको सावधान होने जरूरत हैं क्योंकि दिल्ली में आप भी रहते हैं, आपका परिवार रहता है और आप भी दिल्ली में रहकर सप्लाई वाला पानी पीते हैं. क्या आपने अपने पीने वाले पानी की जाँच की है? क्या आपका पानी पीने लायक है?