देश में मिला मंकीपॉक्स का पहला केस , स्वास्थ्य मंत्रालय ने जारी किया पहला केस

कोरोना लहर के बीच भारत के केरल राज्य में मोनकेपॉक्स की एंट्री हो चुकी है। केरल का यह व्यक्ति हाल में ही UAE  से लौटा है। विदेश से लौटने के बाद उसे तेज बुखार की शिकायत थी। हालाँकि अभी उसकी हालत स्थिर है। गुरुवार को केरल की स्वास्थ्य मंत्री वीना जॉर्ज ने बताया कि मरीज में तेज बुखार और शरीर पर छाले जैसे लक्षण देखे गए, जिसके बाद उसे अस्पताल में भर्ती किया गया। फिलहाल वह खतरे से बाहर है। जॉर्ज ने बताया की शख्स विदेश में मंकीपॉक्स के मरीज के संपर्क में था। वहीं, मरीज के संपर्क में आए उसके माता-पिता, टैक्सी ड्राइवर, ऑटो ड्राइवर समेत फ्लाइट में साथ आने वाले 11 यात्रियों की भी जांच की जाएगी।

जांच के लिए भेजे गए सैंपल

 मरीज को बुखार और शरीर पर चकते की शिकायत थी जिसके बाद मंकीपॉक्स की पुष्टि के लिए व्यक्ति का सैंपल पुणे के लैब में भेजे गए थे। लैब में शख्स के मंकीपॉक्स से संक्रमित होने की पुष्टि की है। यह भारत में मंकीपॉक्स के पहला मामला रिपोर्ट हुआ है। संक्रमण एक ऐसे व्यक्ति में पाया गया जो विदेश से लौटा था और उसके लक्षण दिखने पर उसे राज्य के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया था। केरल की स्वास्थ्य मंत्री वीना जॉर्ज ने जानकारी देते हुए कहा कि, पेशेंट के सैंपल एकत्र किए गए और उन्हें परीक्षण के लिए नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ वायरोलॉजी भेजा गया।

पशुओं से इंसानों में फैलता है मंकीपॉक्स का वायरस

विश्व स्वास्थ्य संगठन ( WHO) के मुताबिक, मंकीपॉक्स एक प्रकार का जूनोसिस (जानवरों से इंसानों में फैलने वाला वायरस) है. इसके लक्षण ठीक उसी प्रकार के होते हैं जैसे कि चेचक के रोगियों में देखे गए थे. हांलाकि, ये कोई गंभीर बीमारी नहीं है. इस वायरस के लक्षण इसकी चपेट में आने के 7-14 दिनों बाद बुखार, सिरदर्द, मांसपेशियों में दर्द और थकावट के साथ शुरू होते हैं.

क्या बोलीं स्वास्थ्य मंत्री

केरल की स्वास्थ्य मंत्री वीना जॉर्ज ने कहा कि, मंकीपॉक्स का पॉजिटिव मामला सामने आया है। वह यूएई का एक यात्री है। वह 12 जुलाई को केरल पहुंचा था। वह त्रिवेंद्रम हवाई अड्डे पर पहुंचा था। डब्ल्यूएचओ और आईसीएमआर द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार सभी कदम उठाए जा रहे हैं। केरल के स्वास्थ्य विभाग ने मंकी पॉक्स पर दिशा-निर्देश जारी किए हैं। 

केंद्र सरकार ने जारी की गाइडलाइन

दुनिया में मंकीपॉक्स के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। इसे देखते हुए भारत सरकार भी एक्शन मोड में आ गई है। गुरुवार को केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव राजेश भूषण ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को चिट्ठी लिखकर मंकीपॉक्स के खिलाफ सतर्कता बरतने और स्वास्थ्य मंत्रालय की गाइडलाइन का पालन करने की सलाह दी है।

सरकार ने राज्यों को पॉइंट ऑफ एंट्री यानी यात्रियों के आने की जगहों पर चौकसी बढ़ाने के निर्देश दिए हैं। यहां निगरानी रखने वाली टीम से लेकर डॉक्टर्स, सभी तैनात रहेंगे। इसके अलावा, जिन भी लोगों में लक्षण पाए जाएंगे, उनके संपर्क में आए लोगों की भी जांच की जाएगी।

स्वास्थ्य मंत्रालय ने राज्यों को मंकीपॉक्स के लिए अलग से अस्पताल निर्धारित करने को कहा है। यहां बीमारी के दौरान मरीजों को आइसोलेट करने और उनके इलाज की सुविधाओं का बंदोबस्त किया जाएगा।

दुनियाभर में फैल रहा है वायरस

केंद्रीय सचिव ने आगे कहा कि दुनियाभर के 50 देशों में मंकीपॉक्स वायरस की पुष्टि की जा चुकी है. ज्यादातर मामले यूरोप में मिले हैं. उन्होने कहा मंकीपॉक्स धिरे धिरे दुनियाभर में फैल रहा है. जिसके लिए सर्तकता बरतने की जरूरत है. सभी राज्यों को मंकीपॉक्स के खिलाफ तैयारी पूरी करने के भी निर्देश दिए गए हैं।

WHO की बढ़ी चिंता

 वहीं मंकीपॉक्स को लेकर विश्व स्वास्थ्य संगठन भी सतर्क है। इस वायरस ने एक बार फिर डब्ल्यूएचओ की चिंता बढ़ा दी है। कोरोना महामारी से सबक लेते हुए विश्‍व स्‍वास्‍थ्‍य संगठन अब मंकीपॉक्‍स को लेकर कोइ भी रिस्‍क नहीं लेना चाहता। इसको लेकर अब कोई चूक नहीं करना चाहता।

संक्रमण से बचने के उपाय

मंकीपॉक्स से बचने का सबसे कारगर उपाय है कि इससे संक्रमित जानवरों के संपर्क में आने से बचा जाए. इस बीमारी से पीड़ित मरीज और जानवरों से दूरी बनाकर रखें. साथ ही संक्रमित रोगियों को अलग कमरे में रखा जाए. इस बीमारी में साफ-सफाई पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है. संक्रमित मरीज के नजदीक जाने के लिए हमेशा पीपीई किट का इस्तेमाल किया जाए.