Giloy: गिलोय के लिवर डैमेज करने वाले दावे पर आयुष मंत्रालय ने दी सफाई

अभी हाल ही में गिलोय को लेकर एक स्टडी सामने आई थी जिसमें कहा गया था कि इसके सेवन से लिवर डैमेज हो सकता है. लेकिन अब आयुष मंत्रालाय ने  गिलोय से लिवर डैमेज होने की बात को महज अफवाह बताया है. आयुष मंत्रालय ने ‘इंडियन नेशनल एसोसिएशन फॉर दि स्टडी ऑफ दि लिवर’ के सहयोग से की गई इस रिपोर्ट को भ्रामक बताया है.

इस स्टडी में स्पष्ट रूप से ये कहा गया था कि मुंबई में डॉक्टर्स ने पिछले साल सितंबर से दिसंबर के बीच गिलोय से होने वाले लिवर डैमेज के करीब छह मामले देखे थे. यानी इस रिपोर्ट में साफ-साफ कहा गया था कि गिलोय के सेवन से मुंबई में 6 लोगों के लिवर फेल हुए हैं.

अब आयुष मंत्रालय ने इस स्टडी को लेकर कहा है कि स्टडी से जुड़े लोग इस मामले से जुड़ी जानकारियों को सही तरीके से रखने में असफल हुए हैं. आयुष मंत्रालय ने पाया कि स्टडी के लेखकों ने गिलोय और उसके गुणकारी तत्वों का सही से विश्लेषण नहीं किया है, जो कि रोगियों को दी गई थी. आयुष मंत्रालय का कहना है कि रिसर्च से जुड़े लेखकों की ये जिम्मेदारी बनती है कि वे सुनिश्चित करें कि मरीजों को दी गई जड़ी बूटी गिलोय ही थी, या गिलोय की तरह दिखने वाली कोई अन्य जड़ी बूटी.

दरअसल, कई अध्ययन इस बात की ओर इशारा जरूर करती हैं कि जड़ी-बूटी की सही पहचान ना करने की वजह से भी गलत परिणाम सामने आ सकते हैं. आयुष मंत्रालय ने कहा कि गिलोय को लिवर के डैमेज से जोड़ना भारत की पारंपरिक चिकित्सा प्रणाली के प्रति भ्रम पैदा करेगा.

बता दें कि आयुर्वेद में लंबे समय से गिलोय का इस्तेमाल एक जड़ी-बूटी के रूप किया जा रहा है. कई शारीरिक रोगों में गिलोय काफी असरदार भी साबित हुई है. इसके वैज्ञानिक साक्ष्य उपलब्ध हैं कि गिलोय लिवर, नर्व्स के अलावा कई मायनों में शरीर के लिए फायदेमंद है. सैकड़ों ऐसी स्टडीज हैं जो इसके फायदे और सुरक्षा का दावा करती हैं