गिरिडीह : कोयरीडीह जंगल में लगी आग, सैकड़ो पेड़ जलकर राख

गांडेय :(सुरेश निखर)-  जंगलों में आग लगने की घटनाएँ लगातार बढ़ती जा रही है. देश के कई राज्यों के जंगलों में आग लगने की ख़बरें सामने आ रही है. ऐसे में सोमवार सुबह सुबह झारखण्ड के गिरडीह के जगलों में आग लगने की खबर सामने आई.  दरअसल खुरचुट्टा वन प्रक्षेत्र अंतर्गत गांडेय प्रखंड के डेवनडीह-कोयरीडीह स्थित जंगल में सुबह आग लग गई। दोपहर तक हवा के बहाव में कमी के साथ धीरे-धीरे आग बुझ गई, लेकिन तब तक सैकड़ों पेड़ जल चुके थे।

दरअसल गांडेय थाना क्षेत्र के देवनडीह जंगल में रविवार की सुबह 9 बजे के करीब आग लग गई। देखते ही देखते आग की लपटें पूरे जंगल में फैल गई। इससे लगभग आधा किलोमीटर के दायरे में स्थित जंगल की लकड़ियां जल गई। आग की लपटों व धुएं को देखकर आसपास के लोग जुटे। ग्रामीणों ने काफी मशक्कत से आग पर काबू पाया। ग्रामीणों के प्रयास से कई घर आग की चपेट में आने से बच गए। हालांकि कई जंगली पौधे आग की चपेट में आने से जलकर झुलस गए। गिरिडीह गांडेय मुख्य मार्ग पर देवनडीह जंगल अवस्थित है। रविवार को जंगल में अचानक आग की लपटें उठने लगीं। मुख्य मार्ग पर जंगल होने के कारण कई राहगीरों की इस पर नजर पड़ी परंतु किसी ने भी इस ओर पहल नहीं की। बाद में सूचना पर स्थानीय लोगों ने पहुंचकर कड़ी मशक्कत से आग पर काबू पाया। आग लगने का स्पष्ट कारणों का पता नहीं चल पाया है। इधर आगजनी की सूचना मिलने पर वन विभाग के पदाधिकारी ने भी जंगल का मुआयना किया। तब तक आग पर काबू पाया जा चुका था।

आपको बता दें कि झारखण्ड में वन क्षेत्र में बढ़ोत्तरी दर्ज की जा रही है. ऐसे में आग लगने जैसी गंभीर स्थितियों को लेकर सरकार को सतर्क रहना होगा वरना मेहनत पर पानी फिर सकता है.
दरअसल महुआ फलने का मौसम आते ही पत्ता साफ करने के लिए आग जला देने से वन संपदा भी जल कर बर्बाद हो जाती है। इसके बाद भी विभाग गंभीर नहीं दिख रहा है। जंगल में लगी आग जब तक स्वयं नहीं बुझ जाती तब तक कई एकड़ जंगल क्षेत्र में आग फैल जाती है। ऐसा ही एक मामला भंडारी जाने की मुख्य सड़क के बीच झुमरखेलवा पहाड़ी के पास देखने को मिला। वहां जंगल में आग दो तीन दिन से लगी हुई है। रविवार को आग जंगल में फैलने से चारों तरफ धुआं ही धुआं नजर आ रहा था। सूखे पत्ते व झाड़ियों के साथ हरे भरे पेड़ पौधे भी झुलस रहे थे। इससे जंगल में निवास करनेवाले फायदेमंद कीड़े मकोड़े भी मर जा रहे हैं। बता दें कि प्रखंड के विभिन्न स्थानों पर आग से जंगल झुलसकर बर्बाद हो रहे हैं। इस मामले में वनविभाग गंभीर नहीं दिख रहा है जिस कारण जंगल में आग लगाने का मामला बढ़ता ही जा रहा है। यदि वन विभाग गंभीर होकर जंगल में आग फैलने पर रोक नहीं लगाता है तो जंगल में हरे भरे पेड़ नष्ट हो जाएंगे। फोरेस्टर जयप्रकाश यादव ने कहा कि जंगल में आग को बुझाने का प्रयास मशीन से किया जाएगा।