कोरोना के बीच गुजरात से आई अच्छी खबर, बब्बर शेरों की संख्या बढ़ी

गुजरात के जूनागढ़ के गिर नेशनक पार्क .. जो बब्बर शेरों की वजह से पूरी दुनिया में प्रसिद्द है. कोरोना वायरस के बीच यहाँ से अच्छी खबर सामने आई है. जी हाँ यहाँ के शेरो की संख्या में बढ़ोत्तरी देखने को मिली है. 5 साल पहले यहां इन शेरों की संख्या 523 थी लेकिन अब ये बढ़कर 674 तक पहुंच गई है. पांच साल की तुलना में यहां पर शेरों की संख्या 29 फिसदी तक बढ़ गई है. ये गुजरात सरकार और वन विभाग के संरक्षण की नीतियों का परिणाम ही माना जा सकता है कि यहां दुलर्भ शेरों की संख्या बढ़ी है.

हालांकि जब 5 और 6 जून को वन अधिकारियों को शेरों की बढ़ती संख्या के बारे में पता लगा तो किसी के लिए भी इस बात पर यकीन कर पाना मुमकिन नहीं था.
आपको जानकर हैरानी होगी कि एशियाई शेर दुनिया में कहीं और नहीं बल्कि सिर्फ गिर राष्ट्रीय उद्यान, गुजरात में ही बचे है. ऐसा कहा जाता है कि जूनागढ़ के नवाब ने इन शेरो की रक्षा कि थी तब यह केवल 13 थे. लेकिन आज इनकी संख्या बढ़कर 674 हो गई है.

गुजरात के जूनागढ़ में स्थित गिर नेशनल पार्क भारत में शेरों के घर के नाम से जाना जाता है. इस जंगल को गिर या गिर वन के नाम से भी जाना जाता हैं. ये नेशनल पार्क एशियाई शेरों के लिए मशहूर है. ये नेशनल पार्क 1412 स्क्वायर किलोमीटर में फैला हुआ है. ये नेशनल पार्क इसलिए भी मशहूर है क्योंकि विश्व में दक्षिणी अफ्रीका के अलावा गिर नेशनल पार्क ही एकमात्र ऐसी जगह है जहां पर शेर अपने प्राकृतिक आवास में रहते हुए दिखाई देते है. इस पार्क में शेरों के अलावा हिरण, सांभर, चीतल, नीलगाय, भालू जैसे कई जानवर भी रहते है. आम लोगो के लिए गिर वन्य मध्य अक्टूबर महीने से लेकर मध्य जून तक खोला जाता है.

आपको ये भी बता दें कि बीते कई सालों से गुजरात सरकार और वन विभाग शेरों के संरक्षण को लेकर काम कर रहे हैं और इसी का नतीजा है कि यहां शेरों की संख्या बढ़ रही है. आज एशियाई शेरों का बसेरा सिर्फ गुजरात के गिर में ही बचा है. यह अंतिम शरणस्थली है. जहां से अगर ये शेर खत्म हुए तो इनकी पूरी प्रजाति ही मिट जाएगी. कोरोना से सबसे प्रभावित राज्यों में से एक गुजरात से ये अच्छी खबर सामने आई है.