दही, लस्सी, पनीर व शहद पर चुकानी होगी 5% जीएसटी, जानें आज से क्या हुआ सस्ता और क्या महंगा?

महंगाई की मार झेल रहे आम आदमी की मुश्किलें आज से और बढ़ गई हैं। लगातार बढ़ रही महंगाई के बीच आज से आपकी जेब और ढीली होने वाली है। अब आपको पैकेज्ड एवं लेबल वाले दही, पनीर, लस्सी और रोजमर्रा इस्तेमाल होने वाली जरूरी वस्तुओं की कीमतों पर आज से यानि १८ जुलाई से अधिक जीएसटी देना होगा। पिछले महीने हुई बैठक में जीएसटी परिषद ने विभिन्न उत्पादों पर जीएसटी दरों में बदलाव किया है। लगातार बढ़ रही महंगाई से लोग परेशान हो रहे हैं। कटरा बाजार से लेकर मुहल्ले की दुकानों पर भी पैक्ड सामान की हिसाब-किताब बनाना शुरू कर दिया गया है। जिससे ग्राहक को जीएसटी जोड़कर दाम बताए जा सकें। वहीं महिलाओं का कहना है कि किचन का सामान लगातार महंगा हो रहा है। अब पैक्ड के सामान पर महंगाई होने से खर्च बढ़ेगा।

कौन-कौन सी घरेलू चीजें होंगी महंगी?

18 जुलाई, 2022 से जिन चीजों के दाम बढ़ेंगे, उनमें- दही, लस्सी, छाछ, पनीर, सभी प्रकार का गुड़, प्राकृतिक शहद, खांडसारी शक्कर, मुरी, चूड़ा, खोई, मुर्की, चावल, गेहूं, राय, बार्ले, ओट्स, गेहूं और मेस्लिन का आटा शामिल हैं। इन सभी पर पांच फीसदी जीएसटी चुकाना होगा।

कौन सी चीजें हुई महंगी

हालांकि खुले में बिकने वाले बिना ब्रांड वाले उत्पादों पर जीएसटी छूट जारी रहेगी। ‘प्रिंटिंग/ड्राइंग इंक’, धारदार चाकू, कागज काटने वाला चाकू और ‘पेंसिल शार्पनर’, एलईडी लैंप, ड्राइंग और मार्किंग करने वाले उत्पादों पर कर की दरें बढ़ाकर 18 प्रतिशत कर दी गई हैं। सौर वॉटर हीटर पर अब 12 प्रतिशत जीएसटी लगेगा जबकि पहले पांच प्रतिशत कर लगता था। सड़क, पुल, रेलवे, मेट्रो, अपशिष्ट शोधन संयंत्र और शवदाहगृह के लिए जारी होने वाले कार्य अनुबंधों पर अब 18 प्रतिशत जीएसटी लगेगा, जो अबतक 12 प्रतिशत था। 

जीएसटी काउंसिल के फैसले लागू होने के बाद आज से कई खाद्य वस्तुएं महंगी हो जाएंगी। इनमें पहले से पैक और लेबल वाले खाद्य पदार्थ जैसे आटा, पनीर और दही शामिल हैं। इन पर अब पांच प्रतिशत जीएसटी) देना होगा। इस तरह 5,000 रुपये से अधिक किराये वाले अस्पताल के कमरों पर भी जीएसटी देना होगा। इसके अलावा 1,000 रुपये प्रतिदिन से कम किराये वाले होटल कमरों पर 12 प्रतिशत की दर से कर लगाने की बात कही गयी है। अभी इसपर कोई कर नहीं लगता है।

कौन सी चीजें हुई सस्ती

हालांकि, रोपवे के जरिये वस्तुओं और यात्रियों के परिवहन तथा कुछ सर्जरी से जुड़े उपकरणों पर कर की दर घटाकर पांच प्रतिशत की गई है। पहले यह 12 प्रतिशत थी। ट्रक, वस्तुओं की ढुलाई में इस्तेमाल होने वाले वाहनों पर अब 12 प्रतिशत जीएसटी लगेगा। यह रेट पहले 18 प्रतिशत था। इसी तरह बागडोगरा से पूर्वोत्तर राज्यों तक की हवाई यात्रा पर जीएसटी छूट अब ‘इकनॉमी’ श्रेणी तक ही सीमित रहेगी। आरबीआई (भारतीय रिजर्व बैंक), बीमा नियामक एवं विकास प्राधिकरण, भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड जैसे नियामकों की सेवाओं के साथ रिहायशी मकान कारोबारी इकाइयों को किराये पर देने पर कर लगेगा। बैटरी या उसके बिना इलेक्ट्रिक वाहनों पर रियायती पांच प्रतिशत जीएसटी बना रहेगा।