क्या सच में पाकिस्तान ने बना ली कोरोना की वैक्सीन!

पाकिस्तान में कोरोना के खिलाफ लड़ाई के लिए पाकवैक नाम की वैक्सीन को लांच की गयी इस वैक्सीन को पाकिस्तान की ही एक कंपनी बना रही है.  पाकिस्तान का दावा है कि ये वैक्सीन उसके अपने ही देश में तैयार हुई है लेकिन हकीकत है तो कुछ और ही है

दरअसल जिस वैक्सीन को पाकिस्तान पाकवैक नाम से लांच किया है वो चीन की मदद से बनी है. ये वही वैक्सीन है, जिसे चीन ने कुछ महीनों पहले सिनोवैक के नाम से लांच किया था.

पाकिस्तान के पास यूरोप और अमेरिका में बनी कोरोना की वैक्सीन उपलब्ध नही है ऐसे चीन ने उसकी मदद की और चीन ने अप्रैल में ही पाकिस्तान को इसकी तकनीक दे दी थी. उसके बाद पाकिस्तान की एक कंपनी ने उसे बनाना शुरू किया.

पाकिस्तान के अख़बार डॉन की एक रिपोर्ट के अनुसार पाकवैक वैक्सीन को चीन की सरकारी फ़ार्मास्युटिकल कंपनी कैन्सिनो में विकसित किया गया है. वहां से उसे कॉन्सन्ट्रेटेड रूप में पाकिस्तान लाया जा रहा है, फिर इस्लामाबाद के नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ़ हेल्थ (NIH) में इसकी पैकेजिंग की जा रही है.लेकिन इस पूरी प्रक्रिया पर चीनी एक्सपर्ट पूरी नजर रख रहे हैं.

आपको ये भी बता दें कि पाकिस्तान वो पहला देश भी था जहां साइनोवैक वैक्सीन का क्लिनिकल ट्रायल हुआ. चीन ने कुछ महीने पहले अपनी कोरोना वैक्सीन यानि कि साइनोवैक लांच की थी. इसका कई देश इस्तेमाल भी कर रहे हैं लेकिन इसकी प्रभाव क्षमता कम आंकी गई है. हालांकि वर्ल्ड हेल्थ आर्गनाइजेशन ने पिछले महीने इसके इमर्जेंसी इस्तेमाल की इजाजत दे दी है.

पाकिस्तान में वैक्सीन निर्माण भी ऐसे वक्त में हो रहा है जब वहां पर कोरोना के मामले घटने लगे हैं. पाकिस्तान में महामारी से अब तक 10 लाख से कम (922,824) लोग संक्रमित हुए और करीब 21 हज़ार (20,930) लोगों की मौत हुई.