भारत, यूरोप, अफ्रीका…भीषण गर्मी से उबलकर ‘लाल’ हुई दुनिया, नासा ने जारी किया नक्‍शा

अमेरिका की अंतरिक्ष एजेंसी नासा ने एशिया, यूरोप, उत्‍तरी अफ्रीका और पश्चिमी एशिया में पड़ रही भीषण गर्मी को लेकर दुनिया को आगाह किया है। जून और जुलाई 2022 में तापमान इतना बढ़ा कि यूरोप, उत्तरी अफ्रीका, मिडल-ईस्ट और एशिया के कई इलाकों में पारा 40 डिग्री सेल्सियस पार कर गया. कई जगहों पर पारे ने थर्मामीटर का रिकॉर्ड तोड़ डाला। हाल में ही नासा ने एक तस्वीर जारी की है जिसमे साफ़ दिख रहा है की कि किस तरह से पूर्वी गोलार्द्ध में सतह का तापमान है। तस्वीर में आप साफ़ देख सकते है की जो धरती नीली होनी चाहिए थी वो किस तरह से गर्मी के कारण लाल नज़र आ रही है। उत्‍तरी भारत भी प्रचंड गर्मी का सामना कर रहा है। नासा के नक्‍शे में उत्‍तर प्रदेश, हरियाणा, राजस्‍थान और मध्‍य प्रदेश के कुछ हिस्‍से तो बहुत ही ज्‍यादा गर्मी की चपेट में हैं। धरती का नीले से लाल रंग में बदलना भीषण गर्मी का संकेत दे रहा है।  धरती का यह विशाल इलाका भीषण गर्मी की चपेट में है जो इस बात का संकेतक है कि इंसानों की ओर से ग्रीन हाउस गैसों के उत्‍सर्जन से मौसम में यह खतरनाक बदलाव आया है और इसका असर हमारे जीवन परिस्थितियों में साफ नजर आ रहा है।

लगातार हो रहा है जलवायु परिवर्तन

इंसानों द्वारा फैलाए जा रहे प्रदूषण, ग्रीनहाउस गैसों के उत्सर्जन की वजह से लगातार जलवायु परिवर्तन हो रहा है. वैश्विक स्तर पर गर्मी बढ़ रही है. पश्चिमी यूरोप में भयानक सूखा फैल रहा है. गर्मी और सूखे की वजह से पुर्तगाल, स्पेन और फ्रांस के कुछ हिस्सों में जंगली आग फैल रही है. पुर्तगाल में तापमान 45 डिग्री सेल्सियस तक तापमान पहुंच गया है. यहां पर लीरिया नाम के कस्बे का 7400 एकड़ का इलाका जल गया है. पुर्तगाल के आधे हिस्से में 14 जगहों पर जंगल की आग जल रही है।

पुर्तगाल में तापमान 45 डिग्री सेल्सियस, आधा देश अलर्ट पर

पश्चिमी यूरोप जहां पहले ही भीषण सूखे से गुजर रहा है, वहां भयानक गर्मी ने आग को भड़का दिया है जो पुर्तगाल, स्‍पेन और फ्रांस के कुछ हिस्‍सों तक भड़क गई है। पुर्तगाल में तापमान 13 जुलाई को 45 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया और 3 हजार हेक्‍टेयर का इलाका जलकर राख हो गया। आधा देश रेड अलर्ट पर है और देश में 14 जगहों पर आग लगी है। फायर फाइटर्स इसे बुझाने में जुटे हुए हैं। यही नहीं स्‍पेन के मैड्रिड शहर में 1500 हेक्‍टेयर इलाका जलकर राख हो गया। इटली में रेकॉर्ड गर्मी से मारमोलादा ग्‍लेशियर का एक हिस्‍सा गिर गया। इससे वहां हिमस्‍खन हो गया जिससे 11 पर्वतारोहियों की मौत हो गई।

चीन में पिघल गयी सड़के

चीन में भी गर्मी के मौसम में सूखा पड़ा है जिससे सड़कें पिघल गई और छतों पर लगी टाइल भी गिर गईं।शंघाई में तापमान 40.9 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया था. वहां पर ह्यूमेडिटी भी बढ़ी हुई है।  शंघाई में तापमान 13 जुलाई को 2022 तापमान 40.9 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया जो साल 1873 के बाद सबसे ज्‍यादा है। भारी आर्द्रता और रातभर गरम तापमान से बहुत ही खतरनाक स्थितियां पैदा हो गईं। इस बीच उत्‍तरी अफ्रीका में ट्यूनिशिया में भयंकर गर्मी पड़ रही है। यहां आग लगने से काफी फसल जल गई है। राजधानी ट्यूनिस में पारा 48 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। इससे यहां पर 40 साल का रेकार्ड टूट गया। ईरान में भी जुलाई के महीने में गर्मी से बुरा हाल है और यहां पर जून में पारा 52 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया था।

इस तरह की भीषण गर्मी का सीधे इंसान के स्‍वास्‍थ्‍य पर असर पड़ता है। इसके अन्‍य परिणाम भी भयानक होते हैं। यूरोप और अफ्रीका अब अग्निकांड से जूझ रहे हैं। यह उत्‍तरी अमेरिका में भी बढ़ा है।