सत्ता में हेमंत सोरेन आयेंगे, उनके लिए भी अचंभित करने वाली घटना थी बाउरी

दुमका: प्रेसवार्ता आयोजित कर भाजपा जिला कार्यालय में भाजपा अनुसूचित जाति मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष अमर बाउरी ने कहा। उन्होंने कहा कि हेंमंत सोरेन को विधानसभा चुनाव 2019 में जीत को लेकर उपापोह की स्थिति थी। उनके लिए भी जीत अप्रत्याशित थी। इस तरह से सत्ता में हेमंत सोरेन आयेंगे, उनके लिए भी अचंभित करने वाली घटना थी। पूर्व मंत्री अमर बाउरी ने कहा कि पूर्ववर्ती भाजपा सरकार ने संथाल परगना को विशेष रूप् से उर्वरा भरने का काम किया था। पूरे संताल परगना प्रमंडल का मुकुट के रूप में है दुमका विधानसभा। इस विधानसभा का परित्याग कर यहां की जनता को छलने का काम हेमंत सोरेन ने किया। उन्होंने सिदो कान्हू मुर्मू के वंशज की हत्या पर वंशज परिवार से मिलने नहीं पहुंचे पर भी कहा कि संताल परगना से तीन-तीन मंत्री हुए। लेकिन किसी से शहीद के वंशज की सूधी नहीं ली। जिससे देश के अन्य प्रदेशों में राज्य की छवि खराब हुई है।
कोरोनाकाल में भी हेमंत सरकार कवच या ढ़ाल के रूप में त्रासदी को अवसर बनाने का काम किया। हेमंत सोरेन कछुआ की तरह आवरण ओढ़ जनता को भगवान भरोसे छोड़ दिया। उन्होंने कहा कि पीएम मोदी के नेतृत्व में कोरोनाकाल में लड़ाई लड़ने का काम किया गया। आत्म निर्भर भात का प्रोजेक्ट सरकार तैयार नहीं कर सकी। प्रवासी मजदूरों को रोजगार के दिशा में बड़े-बड़े होर्डिंग तक ही सिमट कर सरकार रह गई। बेरोगारी में जान जोखित में डाल पुनः मजदूर तीन गुणी के तादाद में दूसरे राज्यों में रोजगार की तलाश में लौटने को विवश हो गए प्रवासी मजदूर।  हेमंत सरकार किस ओर जनता को ले जाना चाहते है यह समझ से परे है। सरकार के पास कोई विजन नहीं है। सरकार पूरी तरह विफल साबित हुई है। पिछड़े, आदिवासी के हितैषी सरकार के बनते ही राज्य के गुदड़ी में 11 आदिवासी समुदाय के लोगों का नृशंस गला काट हत्या पर भी मूकदर्शक बनी रही सरकार। उग्रवाद अब सुदूर जंगलों से निकल रांची मुख्यालय तक पहुंच चुकी है। राजनितिक हत्याएं तेजी से बढ़ रही है। जिससे राज्य में भय का महौल व्याप्त हो गया है। भाजपा के स्थानीय नेताओं का दिन दहाड़े हत्या हो रही है। ट्रेजरी खाली पड़ी है। पिछले आठ माह से संवेदकों का भुगतान नहीं हो पाया है। विधायक फंड पर रोक लगने के कारण विकास कार्य ठप पड़ा है। अमर बाउरी ने चंदनकियारी विधानसभा का जिक्र करते हुए कहा कि इंजीनियरिंग कॉलेज बन कर तैयार हो चुकी थी। केवल शिलान्यास बाकी थी। जिसे राजनीति विद्वेषता के कारण आरक्षित सीट होने के बावजूद अलोकतांत्रिक तरीके से बंद करने का काम किया गया। उन्होंने कहा कि राज्य में मनी मार्केटिग बिल्कुल बंद है। सरकार की ईच्छाशक्ति की कमी है।