Paraceratherium: डायनासोर के युग का है ये रहस्यमयी जानवर, इनके बारे में जानकर हो जाएंगे हैरान!

भला ये कौन नहीं जानता है कि आज से करोड़ो साल पहले धरती पर बहुत ही विशालकाय जानवर रहा करते थे..जब कभी भी डायनासोर का नाम आता हैं तो इसकी पृथ्वी पर उपस्थिति की बात की जाती हैं..लगभग हर इंसान डायनासोर के बारे में जानता है..कि ये जानवर प्राचीन काल में धरती पर विचरण करते थे और बाद में धीरे-धीरे इनकी प्रजाति लुप्त हो गई..यानी इनका अस्तित्व ही खत्म हो गया..लेकिन यहां हम आपको उसी समय काल के एक ऐसे रहस्यमयी जानवर के बारे में बताने जा रहे है..जिसे विश्व का सबसे बड़ा स्तनधारी जीव कहा जाता था..

इस जानवर का नाम है ‘पैरासेराथेरियम’..ये आज से करीब तीन करोड़ 70 लाख पहले धरती पर घुमा-फिरा करते थे..ये इतने बड़े होते थे कि इनके सामने आज के समय के विशालकाय गैंडे भी बहुत छोटे नजर आएंगे..वैज्ञानिक और विशेषज्ञ आज भी इससे जुड़े कई रहस्यों को जानने में जुटे हुए है..तो चलिए जानते है कि आखिरकार इन जानवरों के बारे में इंसानों को कैसे पता चला..

असल में ‘पैरासेराथेरियम’ गैंडे की ही एक प्रजाति थी, जो विलुप्त यानी खत्म हो चुकी है..गैंडे के जैसे ही इनकी चमड़ी भी मोटी और बेहद ही सख्त हुआ करती थी,अगर इनकी चमड़ी पर बंदूक की गोली भी चलाई जाती तो इसका कोई असर इनपर नहीं पड़ता..

इस विशालकाय जानवर की ऊंचाई करीब 26 से 40 फीट तक हुआ करती थी वही इनका वजन करीब 15 से 20 टन होता था..इस जानवर की बहुत ही खास बात ये थी कि इनकी गर्दन जिराफ की तरह ही लंबी हुआ करती थी..

लेकिन इनके बारे में एक बेहद ही रोचक तथ्य है जिसे जानकर आपको हैरानी होगी और आप दंग रह जाएंगे..बता दें कि ये विशालकाय और रहस्यमयी जानवर इतने बड़े होने के बावजूद भी शाकाहारी हुआ करते थे..और यही वजह थी कि बाकी के छोटे जानवर उनसे डरते नहीं थे बल्कि आराम से उनके साथ कदम से कदम मिलाकर घुमा करते थे..

यहां आपको ये भी बता दे कि सबसे पहले 1846 ईस्वी में पाकिस्तान के बलूचिस्तान में इस जानवर का जीवाश्म खोजा गया था..यही नहीं इनके अवशेष चीन और रूस सहित कई पश्चिमी देशों में भी मिले हैं..

‘पैरासेराथेरियम’ के पृथ्वी से विलुप्त होने को लेकर ऐसा कहा जाता है कि करीब एक करोड़ 10 साल पहले तक ये एशिया और पश्चिमी यूरोप के इलाकों में जीवित थे, मगर धीरे-धीरे बाद में जलवायु परिवर्तन और कम प्रजनन दर के कारण ये धरती से विलुप्त हो गए..

हालांकि अभी तक वैज्ञानिक इनके बारे में पूरी तरह नहीं जान पाए हैं, क्योंकि इनका अब तक पूरा अवशेष ही कहीं नहीं मिल सका है.अभी तक तमाम देशों के वैज्ञानिक इस विशालकाय जानवर के कई रहस्यों को पता करने के लिए लगातार अध्ययन और शोध कर रहे हैं..