आखिर इस बार मुंबई को चक्रवात से क्यों है अधिक खतरा? अलर्ट हुआ जारी

मुंबई के इतिहास में ऐसा कभी नही है कि कोई चक्रवात यहाँ के लिए मुसीबत बना हो लेकिन शायद इस बार मुंबई को चक्रवात का कहर झेलना पड़ सकता है. मौसम ने जो करवट ली है उससे तो यही अंदेशा लगाया जा अहै. आइये हम आपको बताते हैं कि ओरोना के बीच मुंबई में चक्रवात की वजह से क्या स्थितियां बनने वाली हैं और इससे निपटने के लिए कुया तैयारिया की जा रही हैं.

दरअसल माना जा रहा है कि बुद्धवार की शाम मुंबई से उत्तर की ओर करीब 110 किमी की दूरी पर यह चक्रवात सक्रिय होगा, जिसके कारण बाढ़ का खतरा न केवल मेट्रोपॉलिटन शहर मुंबई बल्कि महाराष्ट्र के तमाम समुद्री तटों पर रहेगा. च​क्रवात निसर्ग के कारण 115 किमी प्रतिघंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं.

मुंबई समेत ठाणे, पालघर और रायगढ़ के तटीय इलाकों में निसर्ग तूफान के चलते बुधवार को बेहद भारी बारिश की चेतावनी देते हुए भारतीय मौसम विभाग ने बुधवार के लिए रेड अलर्ट घोषित किया. इसके अलावा, केंद्रीय जल आयोग ने सिंधदुर्ग, रत्नागिरी, पालघर, ठाणे, मुंबई और नासिक में भारी बाढ़ की आशंका जताई है.

आखिर पहले कैसे मुंबई बचता रहा है चक्रवात और तूफ़ान से ?

दरअसल अरब सागर की हवाओं की गति ज़्यादातर पश्चिम की तरफ रही. इसलिए अरब सागर के भीतर मौसम की परिस्थितियों में जो चक्रवात बनते हैं, उनसे मुंबई को हमेशा कम खतरा इसलिए रहा है  1998 का हज़ारों जानें लेने वाला तूफान रहा हो या पिछले साल का वायु तूफान, अक्सर यही होता रहा है कि चक्रवात की दिशा बदल जाती रही है. चक्रवात ओमान और एडन खाड़ी की तरफ मुड़ते रहे हैं या फिर ये गुजरात की तरफ असर दिखाते हैं.

चक्रवात को ध्यान में रखते हुए बरती जा रही हैं सावधानियां

  1. मुंबई व जुहू एयरपोर्ट पर विमानों को सुरक्षित स्थानों पर पार्क करने को कहा गया.
  2. बिजली कंपनियों को कनेक्शन जांचने को कहा गया.
  3. केमिकल उत्पादन उद्योग को सेफ मोड में रहने को कहा गया.
  4. पालघर में धारा 144 लागू की गई.
  5. अस्पतालों को अलर्ट रहने को कहा गया और सीएम उद्धव ठाकरे ने अस्थायी व कमज़ोर घरों में रहने वालों को कैंप में शिफ्ट करने की बात कही.

इन तमाम सावधानियों के बीच मछुवारों के लिए कोस्टल गार्ड के जवान लगातार उन्हें जल्द से जल्द वापस आने की घोषणा कर रहे है.. किसी भी मछुवारे को समुद्र में ना जाने की सलाह दी जा रही है. वहीँ गृह मंत्रालय की तरफ से जानकारी दी गयी है कि हालात से निपटने के लिए महाराष्ट्र, गुजरात, दमन एवं दीव और दादर व नगर हवेली में एनडीआरएफ की 23 टीमें तैनात की गई हैं. इनमें से 11 टीमें गुजरात में, 10 टीमें महाराष्ट्र में और दो टीमें दमन एवं दीव और दादर व नगर हवेली में तैनात हैं.