आखिर कितना खतरनाक हो सकती है कोरोना की दूसरी लहर? भारत में आ सकती है कोरोना की दूसरी लहर

सिर्फ दिल्ली ही नही, भारत ही नही नही बल्कि पूरे देश में कोरोना वायरस के मामले अब बहुत तेजी से फ़ैल रहे हैं. दुनियाभर में कोरोना मरीजों का आंकड़ा बुधवार को 6 करोड़ के पार हो गया। मरने वालों की संख्या भी 14 लाख से ज्यादा हो चुकी है। आंकड़ों को देखे तो सितंबर तक दुनियाभर में रोजाना औसतन 3 लाख मरीज बढ़ रहे थे। अब रोज 6 लाख से ज्यादा मरीज आ रहे हैं अमेरिका, ब्राजील, फ्रांस, रूस समेत 54 देशों में कोरोना की दूसरी लहर शुरू हो चुकी है अरु अब भारत में इस कतार में खड़ा होता दिखाई दे रहा है.. मतलब भारत में भी कोरोना वायरस की दूसरी लहर शुरू होने की स्थिति दिखाई देने लगी है. ऐसा कैसे—आइए बताते हैं.. दरअसल पिछले तीन हफ़्तों तीन दिन ऐसे थे जब भारत में नए मामले, रोज ठीक होने वाले मरीजों से ज्यादा आ रहे हैं. इसके पहले लगातार 41 दिन एक्टिव केस घट रहे थे.. मतलब क्या ये कोरोना के दूरी लहर का आहट है ?

आखिर कितना खतरनाक हो सकती है कोरोना की दूसरी लहर

WHO ने 17 नवंबर को वीकली रिपोर्ट पेश की थी। इसमें बताया है कि 9 से 15 नवंबर के बीच दुनियाभर में 40 लाख से ज्यादा मरीज बढ़े। पिछले हफ्ते के मुकाबले यह 22% ज्यादा है। इसी दौरान 60 हजार मौतें हुईं, जो पिछले हफ्ते से 11% ज्यादा है। जान गंवाने वाले इन 60 हजार लोगों में 81% मरीज यूरोप और अमेरिका से हैं।

WHO ने चेतावनी देते हुए कहा है कि सर्दियों में जिस तरह से मामले बढ़ रहे हैं, इससे साफ लग रहा है कि मध्य पूर्व देशों में कोरोना का संक्रमण अपने खतरनाक स्तर पर जाएगा। ये पहली लहर से भी ज्यादा नुकसानदेह होगा।

इन 54 देशों में दूसरी लहर

दूसरी लहर वाले 54 देशों में यूरोप के 25 देश हैं। इनमें पोलैंड, रूस, इटली, यूक्रेन, जर्मनी, यूके, स्पेन जैसे देश शामिल हैं।

एशिया के 11 देश हैं। इनमें ईरान, तुर्की, जॉर्डन, इंडोनेशिया, जॉर्जिया जैसे देश शामिल हैं। नॉर्थ अमेरिका के 7 देश हैं। इनमें यूएस, मैक्सिको, कनाडा शामिल है। अफ्रीका के 6 देश हैं। इनमें मोरक्को, साउथ अफ्रीका शामिल हैं। साउथ अमेरिका के 5 देश ब्राजील, कोलंबिया, अर्जेंटीना में भी कोरोना की दूसरी लहर देखने को  मिल रही है.
भारत में अभी दूसरी लहर नहीं आई है, लेकिन एशिया में सबसे ज्यादा केस यहीं मिल रहे।

वहीँ अगर वैक्सीन की बात करें तो पूरी दुनिया में 100 से अधिक वैक्सीन पर काम चल रहा है लेकिन भारत की नजर ऑक्सफोर्ड/एस्ट्राजेनेका वैक्सीन (कोवीशील्ड) पर टिकी हुई है.. इसी वैक्सीन से भारत को सबसे ज्यादा उम्मीदें हैं. हाल ही में ऑक्सफोर्ड ने दावा किया है कि इस वैक्सीन को ट्रायल में 90% असरदार पाया गया है….
स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्षवर्धन ने भी अगले साल यानी 2021 के पहले तीन महीनों में वैक्सीन के आने की उम्मीद जताई है