कैसे पता करें की आप पर आकाशीय बिजली गिरेगी या नहीं, यहां जाने सबकुछ

हमारे देश में हर साल हजारों लोगों की मौत आकाशीय बिजली की चपेट में आ जाने से चली जाती है, बारिश के साथ साथ आकाशीय बिजली गिरने की घटनाएँ भी अधिक हो जाती है. आकाशीय बिजली से खुद का बचाव कैसे करें..कैसे पता करें कि बिजली गिरने वाली है और सावधान होने की ज़रूरत है आइये इस लेख में यही समझते हैं. इस लेख में इसी बारे में आपको बताएंगे लेकिन उससे पहले जान लेते है कुछ आंकड़ें जो आपको चौंका सकते है..

एक बछड़े की मौत, एक घायल मुसलमान

National Disaster Management Authority यानी राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की एक रिपोर्ट के मुताबिक भारत में हर साल बिजली गिरने से औसतन 2500 लोगों की जान चली जाती है.1967 से 2012 तक जितनी भी प्राकृतिक आपदाएं भारत में आईं, उनसे मरने वालों में 39 फीसदी लोग बिजली गिरने से मारे गए. सबसे ज्यादा बिजली गिरने की घटनाएं झारखंड, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, तेलंगाना, उत्तराखंड और पश्चिम बंगाल में देखने को मिली.

पिछले पांच सालों के आंकड़ों को देखें तो बीते पांच सालों में बिजली गिरने से कुल 8291 लोगों की मौत हुई है. साल 2016 में 1489, 2017 में 2057, 2018 में 2028, 2019 में 1771 और 2020 में 946 मौतें आकाशीय बिजली की चपेट में आने से हुई है. ज्यादातर आकाशीय बिजली मार्च से जून के महीने में गिरती हैं. लेकिन यह स्थानीय मौसम और जमीन की चार्जिंग पर भी निर्भर करता है कि बिजली कितनी और कब तक गिरेगी.

5 सालों में बिजली गिरने से कुल 8291 मौतें

साल 2016 में 1489

साल 2017 में 2057

साल 2018 में 2028

साल 2019 में 1771

साल 2020 में 946 मौतें

बिजली गिरने से पहले हम कई एहतियाती कदम उठा सकते हैं. अगर आपको आसमानी बिजली से बचना है तो कभी भी खेतों, पेड़ों, तालाब आदि के पास न जाएं. क्योंकि इनके आसपास चपेट में आने की आशंका बढ़ जाती है. अगर आप घर के अंदर हैं और बाहर बिजली कड़क रही है तो आप बिजली से संचालित उपकरणों से दूर रहे. तार वाले टेलिफोन का इस्तेमाल न करें. खिड़कियां व दरवाजे को बंद कर दें.

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अपने घर की छत पर न जाएं. कोई भी ऐसी वस्तु के आसपास न रहें जो आकाशीय बिजली को अपनी ओर खींचता हो. धातु के पाइप, नल, फव्वारा, आदि से दूर रहें. अगर आप घर से बाहर हैं तो कभी भी बिजली कड़कते समय पेड़ों के नीचें न खड़े हों. बेहतर होगा किसी कम ऊंचाई वाली इमारत में जा कर रहे. मजबूत छत वाली गाड़ी में रहें. बाहर मौजूद धातु से बनी किसी वस्तु के आसपास न खड़े हों. बाइक, बिजली या टेलिफोन के खंभों, तार या मशीन के आसपास न रहें.

अगर किसी इंसान पर बिजली गिर जाए, तो किन कदमों को उठाना चाहिए:-

-सबसे पहले जान लें कि जिस इंसान पर आकाशीय बिजली गिरी है, उसे छूना पूरी तरह से सुरक्षित है.

-बिजली गिरने के बाद हार्ट अटैक आने से व्यक्ति की मौत होती है. इसलिए सबसे पहले जांचें कि पीड़ित की धड़कन और सांसें चल रही हैं या नहीं.

-अगर व्यक्ति की सांस नहीं चल रही है, तो अपने मुंह से उसके मुंह में सांस दे जिसे सीपीआर भी कहते है. वहीं, धड़कन रुक जाने पर सीपीआर के साथ छाती जोर-जोर से दबाएं.

-एक ही जगह पर दो बार बिजली गिर सकती है, इसलिए अगर आप ऐसी जगह हैं, जहां वज्रपात होने का ज्यादा खतरा है, तो वहां से मरीज को तुरंत हटा लें.

-बिजली गिरने पर व्यक्ति की हड्डियां टूट सकती हैं या फिर उसे दिखना या सुनना बंद हो सकता है. इसलिए इन चीजों की जांच कर लें.

-जितनी जल्दी हो सके, मरीज को नजदीकी अस्पताल में ले जाकर भर्ती कराया जाए.

-ये बात ध्यान रखिए कि बिजली हमेशा धरती पर मौजूद सबसे ऊंची वस्तु से टकराती है. इसलिए कभी भी ऐसे मौसम में ऊंची इमारत, पेड़ या खंभे के नीचे न खड़े हो. जमीन पर लेटे नहीं, बल्कि जमीन पर बैठकर अपने सिर को घुटनों के बीच में रखें और दोनों हाथों से पैरों को पकड़ लें. अगर मौसम खराब होने के साथ आपकी गर्दन के पीछे के बाल या रोंगटे खड़े हो रहे हैं, तो समझिए कि बिजली गिरने की आशंका है. ऐसे में आपको और सतर्क होने की जरूरत है और बताएं गए उपायों को कर आप आकाशिय बिजली की चपेट में आने से बच सकते है