अगर ऐसे ही पिघलती रही ग्लेशियर तो अगले 80 सालों में समुद्र का 15 इंच बढ़ जाएगा जलस्तर

ग्लोबल वार्मिंग और जहरीली गैसों के कारण दुनियाभर के ग्लेशियरों की बर्फ तेजी से पिघल रही है. ऐसे में दुनियाभर के ग्लेशियरों की बर्फ पिघलने की वजह से अगले 80 सालों में समुद्र का जलस्तर 15 इंच बढ़ जाने की संभावना है. इस बात का खुलासा अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा के वैज्ञानिकों ने एक रिसर्च में किया है. इसके साथ ही नासा के साइंटिस्ट्स ने इसे ग्रीन हाउस के उत्सर्जन की बड़ी वजह भी माना है. इस रिसर्च के मुताबिक, उत्सर्जन की प्रक्रिया अगर इसी तरह जारी रही तो आने वाले 80 साल में समुद्र का स्तर करीब 38 सेंटीमीटर तक बढ़ने का अनुमान है.

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नासा के वैज्ञानिकों का कहना है कि बर्फ की चादरों से पिघलने वाला पानी समुद्री जल स्तर की वृद्धि में एक तिहाई तक योगदान देता है. ऐसे में जाहिर है कि समुद्र के स्तर में बढ़ोत्तरी आने वाले दिनों में बर्फ की चादरों से पिघलने वाले पानी पर निर्भर करेगी. वहीं बर्फ की चादरें कितना पिघलती हैं यह जलवायु में बदलावों के आधार पर तय होगा.

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द क्रायोस्फेयर जर्नल में प्रकाशित इस अध्ययन से अनुमान लगाया गया है कि ग्रीनलैंड 2000-2100 के बीच समुद्री जल स्तर में 8 से 27 सेंटीमीटर की बढ़ोत्तरी कर सकता है. वहीं, अंटार्कटिका तीन से 28 सेंटीमीटर तक इसमें योगदान दे सकता है.

इस रिसर्च में वैज्ञानिकों ने जलवायु बदलाव पर निगरानी रखने की सलाह दी है. इन दावों और रिसर्च से आप ये तो समझ ही गए होंगे की कितनी तेजी से ग्लेशियरों के बर्फ पिघल रहे है.