कुलांचे भरते हिरणों को देखना है तो पहुंचे बिरसा मृग विहार

सिटी पोस्ट लाइव, खूंटी: वैसे तो खूंटी जिले को प्रकृति ने मुक्त हस्त से सौगातें दी हैं, पेरवाघाघ, पंचघाघ, सप्त धारा, पंगुरा जल प्रपात, दशम फॉल सहित कई ऐसी दर्शनीय स्थल हैं, जो सहज ही सैलानियों को अपनी ओर आकर्षित कर लेते हैं। ऐसा ही एक आकर्षण का केंद्र है रांची-खूंटी मुख्य मार्ग पर स्थित बिरसा मृग विहार। आखेट काल हो या आज के जंगल सफारी का समय, कुलांचे भरते हिरणों को देखना भला किसे अच्छा नहीं लगता। प

र्यटन की अनेक धरोहरों से समृद्ध खूंटी जिले के सदर प्रखण्ड कालामाटी गांव के पास स्थित बिरसा मृग विहार में हिरणों को विचरण करते और कुलाचें भरते देखना एक अलग ही अनुभूति कराता है। शहर की आपाधामी से दूर लोग सुकुन के दो पल बिताने के लिए यहां पहुंचते हैं। हर दिन सैकड़ों पर्यटक मृगों को देखने के लिए यहां पहुंचेत हैं। गुरुवार को मृग बिहार पर्यटकों के लिए बंद रहता है। 1982 में बिहार के तत्कालीन वन मंत्री भुखला भगत ने इसका उद्घाटन किया था। वर्तमान में यहां लगभग 50 सांभर और 130 चितल हैं। जिला प्रशासन ने सैलानियों को सुविधा और मनोरंजन के लिए कई काम किये हैं।

बिरसा मृग विहार की दूरी राजखनी रांची से 20 किलोमीटर और जिला मुख्यालय खूंटी से 15 किमी है। रांची से बस से आप से यहां पहुंच सकते हैैं। अब ऑटो, ई-रिक्शा से भी लोग यहां आते हैं। 54 एकड़ क्षेत्रफल में फैले बिरसा मृग विहार में हिरणों को झुंड में विचरण करते देखना मन को प्रफुल्लित कर देता है। पार्क के अंदर तीन बड़े वाच टावर बनाये गये हैं, जहां से दूर-दूर तक हिरणों को अठखेलियां करते आप देख सकते हैं।