पोर्न देखते है तो ये जानकारी पहले पढ़ ले, नहीं तो फंस जाएंगे!

शिल्पा शेट्टी के पति राज कुंद्रा को पॉर्न फिल्म बनाने के मामले में गिरफ्तार किया गया है. लेकिन कुंद्रा के मामले के बाद लोगों के मन में कुछ सवाल उठने लगे है. जैसे- क्या भारत में पोर्न देखना भी गैर कानूनी है?  क्या अश्लील फिल्म शूट करना या इसमें काम करना गुनाह है?  यदि कोई व्यक्ति अपने मोबाइल, लैपटॉप, कंप्यूटर पर व्यक्तिगत स्तर पर पोर्न देख रहा है, तो क्या इसे क्राइम माना जाएगा? इन सभी सवालों के जवाब जानने से पहले यह जान लीजिए कि पोर्नोग्राफी क्या होती है?

क्या होती है पोर्नोग्राफी?

ऐसी फोटो, वीडियो, टेक्स्ट, ऑडियो या अन्य कंटेंट जिसकी प्रकृति यौन हो और जो यौन कृत्यों और नग्नता पर आधारित हो, पोर्नोग्राफी के दायरे में आती है. ऐसे किसी भी कंटेंट को इलेक्ट्रॉनिक ढंग से प्रकाशित करने, किसी को भेजने या किसी और के माध्यम से भेजवाने पर पोर्नोग्राफी निरोधक कानून यानी एंटी पोर्नोग्राफी लॉ लागू होता है. दूसरों के नग्न या अश्लील वीडियो तैयार करने वाले या ऐसा एमएमएस बनाने वाले या इलेक्ट्रॉनिक माध्यमों से इन्हे दूसरों तक पहुंचाने वाले और किसी को उसकी मर्जी के खिलाफ अश्लील संदेश भेजने वाले लोग इसी कानून के दायरे में आते हैं.

हमारा कानून पोर्नोग्राफी और पोर्नोग्राफिक कंटेंट के मामलों को लेकर काफी सख्त है. इस तरह के मामलों में आईटी एक्ट के साथ-साथ भारतीय दंड संहिता यानी आईपीसी की कई धाराएं भी आरोपी के खिलाफ लिखी जाती हैं. इंटरनेट का चलन और आधुनिक तकनीक के विकसित हो जाने के बाद आईटी एक्ट में संशोधन भी किया गया था. ताकि आज के समय में इस तरह के मामलों में दोषी पाए जाने वाले शख्स को कड़ी से कड़ी सजा दी जा सके.

पोर्नोग्राफी प्रकाशित, प्रसारित करना और इलेक्ट्रॉनिक जरियों से दूसरों तक पहुंचाना अवैध है, लेकिन उसे देखना, पढ़ना या सुनना अवैध नहीं माना जाता. जबकि चाइल्ड पोर्नोग्राफी देखना भी अवैध माना जाता है. इससे जुड़े अपराध भारत में पॉक्सो एक्ट के तहत आते हैं. इस पर लगाम लगाने के लिए सरकार ने कानून में संशोधन किया था. इसके तहत किसी भी बच्चे के यौन उत्पीड़न संबंधित तस्वीर, वीडियो, या कंप्यूटर से बनाई गई फोटो का इस्तेमाल हो तो चाइल्ड पोर्नोग्राफी माना जाता है.

कुछ वेबसाइट्स को छोड़ दें, तो भारत में पोर्नोग्राफी पूरी तरह बैन है, लेकिन सरकार की तमाम कोशिशों के बाद भी तमाम बेवसाइट्स ये कंटेंट दिखाती हैं. भारत में ये लीगल भी नहीं है. लेकिन अगर आप निजी डिवाइस पर इस तरह का कंटेंट देख रहे हैं तो कोई जुर्म नहीं. हां, अगर आप किसी को जबरदस्ती अश्लील फिल्म बनाने या उसे देखने के लिए कह रहे हैं, तो यह अपराध है. आप किसी भी व्यक्ति के मर्जी के बिना ना तो उसे अश्लील कंटेंट भेज सकते हैं और ना दिखा सकते हैं. ऐसा करने पर आपको जेल की हवा खानी पड़ सकती है.

इसके तहत आने वाले मामलों में आईटी (संशोधन) कानून 2008 की धारा 67 (ए) और आईपीसी की धारा 292, 293,294, 500, 506 व 509 के तहत सजा का प्रावधान है. जुर्म की गंभीरता के लिहाज से पहली गलती पर पांच साल तक की जेल या 10 लाख रुपये तक जुर्माना हो सकता है लेकिन दूसरी बार गलती करने पर जेल की सजा 7 साल तक बढ़ सकती है.

तो ये रहे पोर्नोग्राफी से जुड़े भारत के कानून…लेकिन कानून होने के बाद भी भारत में इसे कितना फॉलों किया जाता है ये तो आप अंदाजा लगा ही सकते है..तभी तो पोर्नोग्राफी से जुड़े मामले घटने के बजाए बढ़ने लगे है….