भारत की बड़ी जीत, कोरोना वायरस का भारत में अब कोई केस नहीं !

भारत में कोरोनावायरस के मरीजों के सामने आने के बाद यहाँ भी लोगों की चिंताएं बढ़ गयी थी. एक तरफ जहाँ चीन मे कोरोना वायरस की वजह से अब तक हजारों की मौत हो चुकी है वहीँ भारत में इसी से जुडी एक अच्छी खबर सामने आई है. दरअसल केरल के तीन छात्रों में कोरोनावायरस के संक्रमण की खबर सामने आई थी. जिसके बाद उनका इलाज शुरू किया गया. कोरोना वायरस से संक्रमित तीनों भारतीयों का संक्रमण खत्म हो गया है. केरल में कोरोना वायरस से संक्रमित तीसरे मरीज की स्थिति में सुधार होने के बाद उसे अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है. इससे पहले केरल के दो मरीजों को कोरोना वायरस से सही होने के बाद अस्पताल से छुट्टी दे दी गई थी. इसे भारत के लिए एक अच्छी खबर मानी जा रही है.

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दरअसल, चीन से शुरू हुआ कोरोनावायरस आज पूरी दुनिया के लिए एक दहशत बना हुआ है. चीन में कोरोनावायरस (कोविड-19) से रविवार को 142 और लोगों की मौत हो गई. इससे मरने वालों की कुल संख्या 1775 हो गई है. राष्ट्रीय स्वास्थ्य आयोग (एनएचसी) के अनुसार, शनिवार से 2,009 ताजा मामले सामने आए हैं, जो एक दिन पहले सामने आए 2,641 मामलों के मुकाबले कम है. कुल 71330 मामले सामने आए, जिसमें से 10973 सही हो गए. चीन की इस मुश्किल घडी में भारत उसके ना सिर्फ खड़ा हुआ है बल्कि मदद करने के लिए अपना हाथ भी आगे बढ़ाया है. चीन में भारत के राजदूत विक्रम मिस्री ने रविवार को ट्विटर पर लिखा, ‘चिकित्सा सामग्रियों की एक खेप भेजेगा और मुश्किल घड़ी से निकलने में चीन की मदद करेगा. यह एक मजबूत उपाय है, जो चीनी लोगों के साथ भारत और यहां के लोगों की एकजुटता, दोस्ती और सद्भावना को प्रदर्शित करेगा.’ चीन जिस तरह कोरोनावायरस से लड़ाई लड़ रहा है उसकी तारीफ WHO भी कर रहा है.

हालाँकि इलाज के लिए जिस तरह लोगों के साथ जबरदस्ती की जा रही है उसके भी कई विडियो सोशल मीडिया के जरिये सामने आ रहे हैं. वहीँ भारत के केरल से सामने आये तीन छात्रों में का इलाज कर उन्हें अस्पताल से छुट्टी दे दी गयी है. खबरों की माने तो सरकार एंटीबायोटिक्स, विटामिन्स और हॉर्मोन सहित लगभग 12 दवाओं के निर्यात पर बैन लगा सकती है. ऐसा कोरोना वायरस के भीषण प्रकोप के कारण चीन से भारतीय दवा उद्योग को होने वाले कच्चे माल के आयात में कमी के चलते फैसला लिया गया है । इस कदम का मकसद चीन के हुबेई प्रांत में लॉकडाउन को देखते हुए भारत में जरूरी दवाओं की उपलब्धता बरकरार रखना है। हुबेई प्रांत न सिर्फ कोरोना वायरस प्रकोप का केंद्र बिंदु है, बल्कि भारतीय दवा उद्योग को कच्चे माल सहित कई दवाओं का आपूर्तिकर्ता भी है.