इसरो ने अंतरिक्ष में भेजी भगवद्गीता और मोदी की तस्वीर, पीएम मोदी ने दी बधाई

भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) ने साल 2021 के अपने पहले मिशन में कामयाबी हासिल की है.  इसरो ने रविवार सुबह 10:24 बजे आंध्र प्रदेश के श्रीहरिकोटा के सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र से पीएसएलवी-सी51 को लॉन्च किया. इसरो ने पीएसएलवी- सी51/अमेजोनिया-1 मिशन को आंध्र प्रदेश में श्रीहरिकोटा के सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र से प्रक्षेपित किया. ब्राजील के अमेजोनिया-1 और 18 अन्य उपग्रहों को लेकर भारत के पीएसएलवी (ध्रुवीय उपग्रह प्रक्षेपण यान) सी-51 ने रविवार को उड़ान भरी. करीब 26 घंटे की उल्टी गिनती पूरी होने के बाद पीएसएलवी-सी51 ने चेन्नई से करीब 100 किलोमीटर दूर स्थित सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र के प्रथम लॉन्च पैड से सुबह करीब 10 बजकर 24 मिनट पर उड़ान भरी.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पीएसएलवी-सी51 अमेजोनिया-1 के सफल प्रक्षेपण पर ब्राजील के राष्ट्रपति जेयर बोलसोनारो को बधाई दी. पीएम मोदी ने कहा कि इस ऐतिहासिक क्षण पर हमारे अंतरिक्ष सहयोगी और ब्राजील के वैज्ञानिकों को मेरी शुभकामनाएं.

इसरो की ओर से जारी बयान के मुताबिक, पीएसएलवी-सी51, पीएसएलवी का 53वां मिशन है. इस रॉकेट के जरिए ब्राजील के अमेजोनिया-1 उपग्रह के साथ 18 अन्य उपग्रह भी अंतरिक्ष में भेजे गए हैं। खास बात ये है कि इसरो ने इस बार सैटेलाइट के अलावा भगवद गीता की एक इलेक्ट्रॉनिक कॉपी भी अंतरिक्ष में भेजी है.
इन उपग्रहों में चेन्नई की स्पेस किड्ज़ इंडिया (एसकेआई) का उपग्रह भी शामिल है. इस अंतरिक्ष यान के शीर्ष पैनल पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तस्वीर उकेरी गई है. स्पेस किड्ज इंडिया ने एक एसडी कार्ड में भगवद्गीता की इलेक्ट्रॉनिक प्रति को अंतरिक्ष में भेजने के लिए सुरक्षित किया, जिसे अंतरिक्ष में भेजा गया है.