झारखंड में कोरोना से लड़ाई में क्यों पिछड़ रहा है झारखंड? जाँच की रिपोर्ट में देरी से उठ रहे हैं सवाल

झारखण्ड में अब कोरोना वायरस लगातार अपने पैर पसारता जा रहा है. झारखंड में कोरोना से पीड़ित लोगों के बढ़ने की रफ़्तार अधिक हैं वहीँ ठीक होने वाले मरीजों की रफ़्तार कम! दरअसल झारखंड में कोरोना मरीजों की संख्या  7 दिन में 7 फीसदी की दर से बढ़ी है जबकि देश में ये रफ़्तार 5.50 फीसदी की है. वहीँ मिल रही जानकारी के मुताबिक राज्य में संक्रमितों की कुल संख्‍या 354 हो गई है

झारखंड में कोरोना वायरस के मरीजों की संख्या दोगुनी भी तेजी हो रही है. झारखंड में महज 10.10 दिन में कोरोना मरीजों की सख्या दोगुनी हो रही है जबकि देश में  12.92 दिन में! अगर रिकवरी रेट यानीकि ठीक होने वाले लोगों की बात करते हैं तो देश में 41.38 फीसदी लोग स्वस्थ होकर अपने घर जा रहे हैं जब झारखंड में 40.28 फीसदी लोग ही ठीक हो रहे हैं. मतलब रिकवरी रेट में भी झारखंड पीछे हैं.

हालाँकि इस सबके बीच झारखंड में कोरोना से होने वाली मौत के मामले में झारखंड बेहतर है. यहाँ अब तक 354 लोग कोरोना से संक्रमित है जिसमें से 4 लोगों की मौत हो हुई है. इस हिसाब से देखें तो झारखंड में 1.14 फीसदी मरीज की मौत हो रही है, तो देश में 2.97 फीसदी की. संक्रमित लोगों में से 141 मरीज ठीक होकर वापस घर लौट चुके हैं.

झारखण्ड के 21 जिलों में कोरोना संक्रमण ने अब तक अपने पैर पसारे हैं. इसमें 5 जिले (पलामू, जामताड़ा, गोड्डा, देवघर और दुमका) इस जानलेवा विषाणु के संक्रमण से मुक्त हो चुके हैं.   प्रदेश में इस वक्त 21 जिलों में 205 एक्टिव केस हैं. जिसमें से सबसे ज्यादा 44 मरीज गढ़वा में हैं, जबकि हजारीबाग में 38, कोडरमा में 25, पूर्वी सिंहभूम में 20, रांची में 17, गिरिडीह में 15, गुमला में 10, रामगढ़ में 6, बोकारो, धनबाद एवं सिमडेगा में 5-5 मरीज कोरोना वायरस से संक्रमित हैं.

वहीँ लातेहार, पश्चिमी सिंहभूम और सरायकेला-खरसावां जिला में 4-4 मरीज,लोहरदगा में 2 और चतरा में एक मरीज में इसका संक्रमण पाया गया है.कुल मिलकर देखें तो फिलहाल झारखण्ड के 16 जिलों में कोरोना के 205 एक्टिव मरीज हैं. यहाँ ये भी जानना जरूरी है कि 179 वे लोग संक्रमित हैं , जो अन्य राज्यों से झारखंड पहुंचे हैं. (ये आकड़े रविवार सुबह तक के हैं)

वहीँ ताजा मिली जानकारी के मुताबिक़ तीन और मरीज सामने ये हैं. ये सभी जमेशदपुर से हैं. इस प्रकार मरीजों की संख्या बढ़कर 354 हो गयी है.

रांची और धनबाद में कोरोना संदिग्धों की रिपोर्ट आने में छह से आठ दिन की देरी हो रही है. रांची के रिम्स में रोजाना 1500 जबकि धनबाद के पीएमसीएच में 250 संदिग्धों का सैंपल जांच के लिए लाया जा रहा है. रिम्स में छह दिन की देरी से रिपोर्ट मिल रही है जबकि पीएमसीएच में आठ दिन की देरी से रिपोर्ट मिल पा रही है. वहीं रांची के इटकी आरोग्यशाला की स्थिति और भी खराब है.