संकट में झारखण्ड सरकार, मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन दे सकते है इस्तीफा

झारखंड में सियासी हलचल तेज हो गई है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन आज शाम को मंत्रिमंडल की बैठक के बाद अपने पद से इस्तीफा दे सकते है। सोरेन शाम को राज्यपाल रमेश बैस से मिलकर अपने विधानसभा की सदस्यता  पद से इस्तीफा दे सकते हैं।  गवर्नर से मिलने के लिए उन्होंने समय मांगा था। लेकिन राजभवन से समय नहीं मिला। इन सब के बीच यह कयास लगाया जा रहा है की वो राज्य में दोबारा सरकार बनाने की दावा भी पेश कर सकते है। बताया जा रहा है की उन्होंने आज शाम चार बजे कैबिनेट की अहम मीटिंग बुलाई है। कैबिनेट की बैठक के बाद हेमंत सोरेन राज्यपाल रमेश बैस से मिलने राज्यभवन पहुंचेंगे और उन्हें इस्तीफा सौंपेंगे।

ऑफिस ऑफ प्रॉफिट के मामले में घिरे सोरेन

दरअसल ऑफिस ऑफ प्रॉफिट के मामले में हेमंत सोरेन की विधानसभा की सदस्यता पर खतरा मंडरा रहा है। सोरेन पर कथित तौर पर आरोप है की साल 2021 में खनन मंत्री का पोर्टफोलियो रखते हुए खुद को एक खनन पट्टा आवंटित किया था। यह मामला मुख्यमंत्री के नाम रांची के अनगड़ा प्रखंड में खनन पट्टा लीज पर आवंटन से जुड़ा है। मुख्यमंंत्री पर आरोप है की उन्होंने  अपने पद का दुरुपयोग करते हुए अपने नाम लीज आवंटित किया। हालांकि मामला विवादित होने के बाद मुख्यमंत्री ने लीज आवंटन को वापस कर दिया था। हेमंत सोरेन ने अपना पक्ष रखते हुए कहा था कि यह लीज उन्हें 14 साल पहले 17 मई 2008 को 10 साल के लिए मिली थी। वर्ष 2021 में इसका रिन्यूअल मिला था। खनन की अनुमति नहीं मिलने पर लीज सरेंडर भी कर दिया था।

 यह मामला ऑफिस ऑफ़ प्रॉफिट का बनता है। इसके बाद चुनाव आयोग ने उनकी विधानसभा की सदस्यता कैंसिल करने के लिए राज्यपाल को चिट्ठी लिखी थी. चुनाव आयोग की इस सिफारिश पर अब राज्यपाल को फैसला लेना है, लेकिन ने इस मामले में चुप्पी साध रखी है. हालांकि वो कभी भी इसका फैसला ले सकते हैं। 

जब सोरेन ने खेला आदिवासी कार्ड

हेमंत सोरेन ने खुद को आदिवासी का बेटा कहा, झारखंड का बेटा कहा।  कोई इतना आसानी से मुझे नहीं तोड़ सकता है। इससे पहले सोरेन के कार्यकाल के दौरान उनके नाम से रांची में खनन पट्टा आवंटित करने के मामले में उनकी विधानसभा सदस्यता को लेकर निर्वाचन आयोग की राय बंद लिफाफे में झारखंड के राजभवन गुरुवार को पहुंच गई। अब राज्यपाल रमेश बैस के फैसले का इंतजार है। राजभवन से इस सिलसिले में कोई निर्देश जल्द ही आने की संभावना है।

झारखंड में जारी सियासी हलचल

हेमंत सोरेन की विधायकी पर संकट के बीच सूबे में सियासी उथल-पुथल जारी है. हेमंत सोरेन के नेतृत्व वाले सत्ताधारी गठबंधन के विधायकों को छत्तीसगढ़ के रायपुर में रिसॉर्ट में ठहराया गया है. सोरेन सरकार का आरोप था कि बीजेपी द्वारा विधायकों की खरीद-फरोख्त की कोशिश की जा रही है।  इन सब के बीच सोरेन ने नया दाव चला है।  वे राज्यपाल रमेश बैस से मिलकर दोबारा सरकार बनाने का दावा पेश कर सकते हैं. नए सिरे से सरकार बनाने की कवायद भी शुरू हो गई है.