झारखंड सरकार ने स्कूलों के लिए जारी की गाइडलाइन, प्रार्थना सभा और खेलकूद पर रोक; 15 दिन में होंगे सैनेटाइज

देश में जहा कोविद के मामले लगातार बढ़ रहे है वाशी कोविड के संक्रमण से स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों को बचाने के लिए झारखंड सरकार ने गाइडलाइन जारी की है। इस नयी गुइडेलिने के तहत स्कूलों में नियमित कैंप लगाकर कोरोना जांच की जाएगी।  इस के साथ ही  स्कूलों में सुबह की प्रार्थना सभा, सांस्कृतिक आयोजन और खेलकूद गतिविधियों पर रोक रहेगी। स्कूली शिक्षा व साक्षरता विभाग के सचिव राजेश कुमार शर्मा ने सभी जिलों के उपायुक्तों, क्षेत्रीय शिक्षा संयुक्त निदेशक, डीईओ और डीएसई को पत्र लिखकर इस नए कोविड प्रोटोकॉल का पालन कराने को कहा है।

वर्तमान में राज्य के सभी श्रेणी के स्कूल सामान्य रूप से संचालित हो रहे हैं। लेकिन, देश के कई राज्यों में कोविड संक्रमण दर में पिछले 15 दिनों से हो रही वृद्धि चिंताजनक है। ऐसी स्थिति में राज्य में पहले से चल रहे स्कूलों में कोविड के संक्रमण को रोकने के जरुरी और आवश्यक कदम उठाने की आवशयकता है।  इस स्थिति से निपटने के लिए ही ऐसी ठोस रणनीति तैयार करि गयी है ताकि कोरोना के बढ़ते हुए मामलो से निपटा जा सके।

दिल्ली समेत छह राज्यों में संक्रमण का फैलाव तेजी से हो रहा है। हालांकि, झारखंड में फिलहाल वैसी स्थिति नहीं है लेकिन एहतियातन संक्रमण को लेकर सख्ती बढ़ा दी गई है।वैसे सभी स्कूल जहां पहली से 12वीं तक की पढ़ाई होती है, कोविड गाइडलान का पालन कराना आवश्यक होगा।

15  दिन में सैनेटाइज करना होगा

पहली से 12वीं के स्कूलों में प्रार्थना सभा या सांस्कृतिक कार्यक्रम नहीं होगा। शिक्षक और बच्चे अनिवार्य रूप से स्कूल अवधि तक मास्क लगाकर रहेंगे। गाइड लाइन के अनुसार हर 15 दिनों में पुरे स्कूल को अच्छे से सैनेटाइज करना होगा।

12-18 साल के बच्चों का टीकाकरण भी होगा

स्कूलों में साबुन व हैंड सैनेटाइजर की व्यवस्था रहेगी। जिन स्कूलों में छात्र-छात्रा ज्यादा हैं, वहां अलग-अलग पाली में इसका संचालन हो सकेगा। निर्देश में कहा गया है कि 12-18 साल के बच्चों के टीकाकरण के लिए स्वास्थ्य विभाग से समन्वय स्थापित कर इसे सुनिश्चित कराया जाए। इस के अलावा डमली शिक्षकों व छात्रों की कोविड जांच कराई जाए।

स्कूलों में लगेगा कैंप होगी नियमित जांच

निर्देश के अनुसार सरकारी स्कूलों में नियमित रूप से कोरोना जांच करायी जाएगी। विद्यालयों में हर दिन 70 फीसदी विद्यार्थी आ रहे है। आवासीय स्कूलों में कैंप लगाकर कोविड की जांच होगी।कोविड के संक्रमण की वृद्धि इन स्कूलों में न हो इसे सुनिश्चित करने के लिए स्कूलों में समय-समय पर कोविड की जांच कराई जाए। आवासीय विद्यालयों में विशेषकर कैंप लगायी जाए, ताकि छात्राओं को किसी प्रकार की कोई समस्या न हो।

स्कूल पहुंचने के लिए अभिभावकों की अनुमति जरूरी

पहली से 12वीं के बच्चों को क्लास में भाग लेने का विकल्प होगा, लेकिन इसके लिए माता-पिता व अभिभावकों की लिखित सहमति अनिवार्य होगी। स्कूलों में ऑफलाइन जांच और परीक्षा आयोजित की जाएगी।