बाढ़ से 96 जानवरों की मौत, असम की बाढ़ से काजीरंगा के दुर्लभ जानवरों को है जान का ख़तरा

बारिश के मौसम में देश के कई राज्य बाढ़ का सामना करते हैं. इस साल भी कोरोना वायरस के बीच देश के कई पूर्वोत्तर राज्य बाढ़ का सामना कर रहे हैं. बाढ़ की वजह से कई लोगों की जान भी जा चुकी है. असम भी बाढ़ से अधिक प्रभावित हैं. यहाँ सिर्फ जान का खतरा इंसानों को नही है बल्कि बाढ़ यहाँ के जानवरों के लिए भी खतरनाक साबित हो रहा है.

दरअसल काजीरंगा नेशनल पार्क (Kaziranga National Park) का 80 प्रतिशत हिस्सा डूब गया है. ऐसे में यहाँ संरक्षित किये गये कई दुर्लभ प्रजाति के जानवरों के सामने खतरा पैदा हो गया है. मिली जानकारी के मुताबिक़ काजीरंगा नेशनल पार्क और टाइगर रिजर्व, बोकाहाट में 96 जानवरों की मौत हो गई है. सरकार द्वारा जारी किये आकड़ों की बात करें तो  8 गैंडों, 3 जंगली भैंसों, 7 जंगली सूअर, 2 दलदल हिरण, 74 हॉग हिरण और 2 पोरपाइन की मौत बाढ़ के कारण हो गई है.

ये आकड़े सरकार द्वारा दिए गये हैं हो सकता है कि ये आकड़ा और बढ़ भी जाए. वहीँ काजीरंगा पार्क के निदेशक, पी शिवकुमार ने कहा था कि बाढ़ के कहर से अब तक 170 जानवरों को बचाया गया है. बाढ़ जैसी स्थिति में जानवरों के लिए बहुत भारी संकट पैदा हो जाता है. जानवरों के लिए भी कई तरह के अभियान चलाए जा रहे हैं, लेकिन फिलहाल असम में हालात को ठीक होने में समय लगेगा.

असं में आई बाढ़ के बाद एक आधिकारिक जानकारी में कहा गया है कि असम में बाढ़ के कारण पांच और लोगों की मौत हो गई जबकि पूरे प्रदेश के 28 जिलों में 36 लाख लोग प्रभावित हुए हैं. गुरुवार को प्रदेश के 33 जिलों में से 27 जिलों के 39.8 लाख लोग इस जल प्रलय :बाढ़: के कारण प्रभावित हुए थे.इस साल प्रदेश में बाढ़ एवं भूस्ख्लन से मरने वाले लोगों की संख्या बढ़ कर 102 हो गई है. प्रदेश में बाढ़ संबंधी घटनाओं में 75 लोगों की मौत हो गई थी जबकि भूस्खलन में 26 लोगों की मौत हो चुकी है.

असम के साथ ही साथ बिहार भी बाढ़ से प्रभावित है. बिहार के कई जिले बाढ़ से प्रभावित हुए है. उत्तर प्रदेश में भी कई जिलों में बाढ़ ने कहर मचाया हुआ है लेकिन असम में बाढ़ का खतरनाक रूप देखने को मिल रहा है जहाँ इंसानों के साथ ही साथ जानवरों की जान पर खतरा बना हुआ है.