Kerala: क्यों मची इतनी तबाही,क्या है इसके पीछे की वजह? यहां पढ़ें केरल बाढ़ से जुड़े सारे बड़े अपडेट

कुदरत का कहर कहें या मौसम की मार. बेमौसम और भारी बारिश के कारण आधे भारत में हाहाकार मचा है. लेकिन सबसे बुरा हाल दक्षिण भारत के केरल राज्य का है. यहां बीते दो दिनों से जानलेवा बारिश हो रही है. अब तक इस जानलेवा बारिश ने 31 लोगों की जिंदगियों को खत्म कर दिया है और अब भी कई लोग लापता है.

न्यूयॉर्क और न्यूजर्सी में भारी बारिश, बाढ़ से तबाही - Hakaro News

भारी बारिश की वजह से सड़कें, नदियां पानी से लबालब भरी हुई हैं. कही गांवें पूरी तरीके से डूब गए है. शहरों का हाल भी कुछ अच्छा नहीं है. वहां के हालात इस कदर हो गए कि क्या बस और क्या कार जो भी पानी के बीच आया मानों उसमे समा गया. कहीं कारें पानी में तैरती दिख रही हैं तो कहीं नदी किनारे मौजूद घर धराशायी होकर पानी में समा रहे हैं. इसके कई भयंकर वीडियो भी सोशल मीडिया पर सामने आए हैं. किसी में गाड़ियां पानी में तैरती दिख रही हैं. तो किसी में घर… ऐसा ही एक वीडियो कोट्टायम के मुंडाकायम से सामने आया है. कोट्टायम के मुंडकायम में भारी बारिश के बाद नदी का जलस्तर इतना बढ़ गया कि वहां मौजूद एक घर को ही बहाकर ले गया. कुछ और वीडियोज भी सोशल मीडिया पर वायरल हैं. इसमें पेड़ के पेड़ पानी के भारी प्रेशर से कट गए हैं और नदी में बहते दिख रहे हैं.

भारी बारिश का सबसे ज्यादा असर दक्षिण और मध्य केरल में दिखाई दे रहा है, जहां तेज बारिश के चलते बाढ़ और भूस्खलन की स्थिति बन गई है. बताया जा रहा है कि केरल में 2018 और 2019 में आई बाढ़ ने जिस तरह तबाही मचाई थी, कुछ वैसी ही स्थिति इस बार भी बन रही है. कोट्टायम और इडुक्की जिले में भूस्खलन की कई घटनाएं सामने आई हैं और मौतें भी यहीं हुई हैं.

आलम ये रहा कि कई लोगों को अपना आशियाना छोड़ कर सुरक्षित स्थान पर जाना पड़ा. रेस्क्यू ऑपरेशन के लिए एनडीआरएफ की टीमों के अलावा सेना, वायुसेना और नौसेना की टीमों की भी मदद ली जा रही है. हालांकि, खराब मौसम की वजह से रेस्क्यू ऑपरेशन में भी दिक्कतें आ रहीं हैं.

केरल में प्रकृति के इस प्रहार के पीछे की वजह अरब सागर में बना कम दबाव का क्षेत्र बताया जा रहा है, जिसकी वजह से तिरुवनंतपुरम, कोल्लम, पथनमथिट्टा, कोट्टयम और इडुक्की जिले में भारी बारिश हुई. भारी बारिश की वजह से नदियों का जलस्तर अचानक बढ़ गया. मनीमाला, मीनाचल और पुलगयार नदियों ने सबसे ज्यादा तबाही मचाई है. दावा तो यहां तक किया जा रहा है कि कहीं-कहीं नदियों का जलस्तर 30 फीट तक बढ़ गया.केरल के ज्यादातर बांध भी अपनी क्षमता से ज्यादा भरे हुए हैं. केरल के लोगों के लिए परेशानी की बात ये है कि इस आफत की बारिश से अभी राहत मिलती नजर नहीं आ रही है. मौसम विभाग ने अभी भी कई शहरों के लिए रेड और ऑरेंज अलर्ट जारी किया हुआ है.

2 साल से बाढ़ के पानी में क्यों डूब रहा है केरल | why kerala has worst floods and heavy rains in last two years – News18 Hindi

वही कई एक्सपर्ट का कहना है कि केरल में छोटे बादल फटने की घटनाओं की वजह से बाढ़ आई और भूस्खलन हुआ. कोचीन विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (सीयूएसएटी) के एक वैज्ञानिक ने दावा किया कि केरल के कुछ क्षेत्रों में पिछले कुछ दिनों में हुई मूसलाधार बारिश ने छोटे बादल फटने का संकेत दिया है. इसके कारण जानमाल का नुकसान हुआ.

‘भगवान का देश’ कहे जाने वाले केरल की मौजूदा स्थिति दिल को उदास कर रही है. केरल में पहले ही कोरोना की मार सबसे ज्यादा पड़ी है, अब भारी बारिश ने लोगों के दुख को और बढ़ा दिया है.