जाने सर्दियों में होने वाली शीतपित्त समस्या के आयुर्वेदिक उपाय

गर्मियां चली गयी हैं और अब सर्दी का मौसम आ गया हैं ऐसे में बदलता मौसम हमारे शरीर पर अलग अलग तरह से प्रभाव डालता हैं. जिससे हमारी सेहत में भी बहुत कुछ बदलता है जिसे आपको शरीर सम्बन्धी कुछ समस्यायें होती है. उन समस्याओं में ज्यादातर व्यक्ति को पित्ती यानि शीतपित्त समस्या का सामना करना पड़ता है. आज हम आपको इसी को लेकर कुछ खास जानकारी देंगें .

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आप भी जानते हैं की बदलता मौसम आपके शरीर पर अलग अलग तरह से प्रभाव डल रहा हैं. ऐसे में आपको सबसे ज्यादा जिस समस्यां का समना करना पड़ता हैं वो हैं पित्ती यानि शीतपित्त ये एक ऐसी समस्यां हैं जिसके होने पर व्यक्ति को लक्षणों के तौर पर तेज खुजली होना शुरू होता हैं और फिर त्वचा का उभरना त्वचा का लाल होना शुरू होता हैं इसके बाद व्यक्ति को उल्टी की समस्या बुखार की समस्या अत्यधिक प्यास लगना त्वचा पर जलन महसूस करना, त्वचा पर चुभन महसूस करना आदि समस्याओं का भी सामना करना पड़ता है.

शीतपित्त क्या है, शीतपित्त क्यों होता है? - Quora

आपको बताते चले की पित्ती यानि शीतपित्त समस्या के कारण आपको नींद ना आने की समस्या हो सकती हैं कभी कभी आपकी खराब पाचन किसी दवा का रिएक्शन हो जाता हैं इसके आलावा आपका देर रात तक सोना, अत्यधिक नमकीन या मसालेदार खाने का सेवन करना, ठंडे खाद्य पदार्थों का सेवन और ठंडे मौसम में रहना ठंडी हवाओं के संपर्क में आना आदि हो सकता हैं. ऐसे में अगर आप इसे दूर करना चाहते हैं तो आपको इसके आयुर्वेदिक उपचार के बारे में पता होना बहुत जरूरी है. तो चली अब हम आपको बताएंगे कि पित्ती की समस्या को दूर करने के लिए आप कौन-कौन से आयुर्वेदिक उपचार कर सकते हैं.

 

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सबसे पहले हम आपको बताएगें हल्दी के उपयोग के बारें में
हल्दी का उपयोग
ये बात आपको शायद पता नही होगी की हल्दी के उपयोग से भी हम पित्ती की समस्या को दूर कर सकते हैं. आप ये तो जानते ही हैं कि हल्दी की तासीर जो होती हैं वो गर्म होती है. ऐसे में अगर आप एक कटोरी में हल्दी के साथ गिलोय और नीम की पत्तियों को मिलाकर एक पेस्ट तैयार करेंगें और उस पेस्ट को अपने प्रभावित स्थान पर लगाऐगें तो ऐसा करने से आपको उस समस्या से राहत मिल सकती है और आप अच्छा महसूस करेंगें.

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दुसरे नम्बर पर आता हैं नीम का उपयोग
नीम का उपयोग
आपको ये तो पता हैं की नीम को अनेकों ओषधियों से भरा माना जाता हैं लेकिन नीम के उपयोग से पित्ती की समस्या को भी दूर किया जा सकता है. अगर आप इसका इस्तेमाल करना चाहते हैं तो इसके लिए आप नीम के पत्तो को पानी में उबालें और उस पानी से स्नान करें. ऐसा करने से शीतपित्त की समस्या से अप्क्जो काफी राहत मिल सकती है. इसके आलावा अगर आप नीम की पत्तियों के पेस्ट को प्रभावित स्थान पर लगाते हैं तो भी इस समस्या से आपको छुटकारा मिल सकता हैं. हालांकि इसका इस्तेमाल आपको त्वचा पर डायरेक्ट नहीं करना हैं. इसका इस्तेमाल आप डॉक्टर की सलाह पर ही करें.

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तीसरे नम्बर पर आपको बताते हैं तुलसी के उपयोग के बारें में
तुलसी का उपयोग
तुलसी का पौधा एक ऐसा पौधा हैं जो हम सबको अपने घर में लगाना चाहिए क्योकि तुलसी न सिर्फ वातावरण को शुद्ध करती हैं बल्कि आपकी कई गंभीर बिमारियों में भी कम आती हैं. तुलसी के उपयोग से बीपी की समस्या को दूर किया जा सकता है. इसका उपयोग करने के लिए आप तुलसी की पत्तियों को अच्छे से धो लें और उसकी चाय तैयार करें. अब इस चाय का सेवन करने से न केवल खून की शुद्धि होगी बल्कि शरीर से सारे विषाक्त पदार्थों को भी दूर किया जा सकता है. आपको बता दें की ऐसे में शीतपित्त की समस्या को दूर करने में भी तुलसी आपके बेहद काम आ सकती हैं.

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चौथे नम्बर पर आता हैं नारियल के तेल का उपयोग
नारियल तेल का उपयोग
नारियल आपको बड़ी आसानी से हर जगह देखने को मिल सकता हैं आपको बता दें की नारियल का तेल भी त्वचा की कई समस्याओं को दूर करने में उपयोगी होता है. इसके उपयोग से आप पित्ती को दूर कर सकते हैं नारियल के तेल का उपयोग आपको बेहद आराम पहुंचता हैं. इससे आलावा आप इस समस्यां से छुटकारा पाने के लिए सरसों के तेल उपयोग या फिर नींबू के तेल का उपयोग भी कर सकते हैं.

जानिए कैसे करे पतंजलि एलोवेरा जेल का उपयोग-Aloe Vera Ka Upyog In Hindi

पांचवें नम्बर पर आता हैं एलोवेरा का उपयोग
एलोवेरा जेल का उपयोग
एलोवेरा जेल को हम बहूत से तरीको से उपयोग करते हैं क्योकि इसके अंदर एंटी इन्फ्लेमेटरी और एंटीबैक्टीरियल गुण पाए जाते हैं जो न सिर्फ हमारी त्वचा की समस्या को दूर करने में उपयोगी है. बल्कि त्वचा को साफ स्वस्थ भी रखते हैं. मान लीजिये ऐसे में आप पित्ती की समस्या से परेशान हैं तो आप प्रभावित स्थान पर एलोवेरा लगा सकते हैं ऐसा करने से पित्ती की समस्या दूर हो सकती है और आपकी त्वचा के साथ साथ आपको एलोवेरा रोग मुक्त भी करता हैं.

 

STORY BY – UPASANA SINGH