जानिये कैसे आने वाली है एक और महामारी! अगर नही समझे तो स्थिति हो जायेगी विकराल

पूरी दुनिया फिलहाल एक महामारी से जूझ रही है…जिसका नाम हम सभी जानते हैं.. कोरोना वायरस.. अभी भी लोग इस महामारी से जूझ रहे हैं लेकिन हाल ही में आई एक रिपोर्ट से इस बात का खुलासा हुआ है कि आने वाले वक्त में एक और महामारी हमारे सामने बड़ी मुसीबत बन सकती है.. इस महामारी से दुनिया के करोडो लोग प्रभावित होंगे और उसके लिए कोई दवा भी नही होगी..

जी हाँ सही सुन रहे हैं आप… संयुक्त राष्ट्र की ताजा रिपोर्ट के मुताबिक 1998 से 2017 के बीच सूखे के कारण 124 अरब डॉलर का आर्थिक नुकसान हो चुका है और डेढ़ अरब लोग प्रभावित हुए हैं.  दरअसल यूनाइटेड नेशन डिजास्टर रिस्क रिडक्शन (UNDRR) की तरफ से एक रिपोर्ट जारी की गई है जिसमें ये बताया गया है कि सूखा अगली महामारी बनने की कगार पर है और इसका इलाज करने के लिए कोई टीका नहीं है.”

रिपोर्ट में कहा गया है कि सूखे के कारण जो आंकड़े हैं, संभावना है कि वे कम करके आंके गए हों. यूएन की रिपोर्ट में कहा गया कि जलवायु परिवर्तन अब दक्षिणी यूरोप और पश्चिमी अफ्रीका में सूखे को तेजी से बढ़ा रहा है.

आपदा जोखिम न्यूनीकरण के लिए यूएन महासचिव की विशेष प्रतिनिधि मामी मिजूतोरी कहती हैं कि सूखा एक वायरस की तरह है जो लंबे समय तक रहता है और इसकी व्यापक भौगोलिक पहुंच होती है. उन्होंने कहा, “यह अप्रत्यक्ष रूप से उन देशों को प्रभावित कर सकता है जो वास्तव में खाद्य असुरक्षा और खाद्य कीमतों में वृद्धि के कारण सूखे का सामना नहीं कर रहे हैं.” संयुक्त राष्ट्र का पूर्वानुमान है कि अधिकांश अफ्रीका, मध्य और दक्षिण अमेरिका, मध्य एशिया, दक्षिणी ऑस्ट्रेलिया, दक्षिणी यूरोप, मेक्सिको और अमेरिका में लगातार और गंभीर सूखा पड़ेगा.

संयुक्त राष्ट्र का कहना है कि इस सदी के अंत तक लगभग 130 देशों को सूखे के अधिक जोखिम का सामना करना पड़ सकता है. रिपोर्ट में कहा गया कि अन्य 23 देश जनसंख्या वृद्धि के कारण पानी की कमी का सामना करेंगे और 38 देश दोनों से प्रभावित होंगे.

रिपोर्ट में कहा गया है कि हाल के दिनों में तमिलनाडु में भयंकर सूखा पड़ा था जिसके कारण इंडस्ट्री प्रोडक्शन में 5 फीसदी की गिरावट आई थी जबकि सर्विस सेक्टर पर 3 फीसदी का असर हुआ था. महाराष्ट्र और कर्नाटक से हर साल ऐसी खबरें आती हैं कि सूखे के कारण लोग कहीं और चले जाते हैं जिसके चलते कई गांव खाली हो जाते हैं. हजारों की आबादी में महज कुछ लोग गांव में बाकी रहते हैं. UNDRR के प्रमुख मामी मिजुटोरी ने कहा कि सूखे की समस्या अगली महामारी के तौर पर सामने आने वाली है जिसका कोई इलाज भी संभव नहीं है. इस शताब्दी में सूखे ने पूरी दुनिया में 150 करोड़ लोगों को सीधे प्रभावित किया है और आने वाले दिनों में यह समस्या और ज्यादा विकराल होने वाली है.

इस रिपोर्ट में ये कहा गया है कि धीरे धीरे ये समस्या बढती जा रही है और ये ऐसे ही बढती जायेगी अगर जरूरी कदम नही उठाये गये तो ये एक ऐसी महामारी बन जायेगी जिसका कोई इलाज नही होगा!