भारत में मिला जीका वायरस का केस, जानिये कितना खतरनाक है ये वायरस और बचाव के तरीके

अगर आपको किसी मच्छर के काटने पर जिका वायरस हो गया है और आपको कोई और मच्छर काट लेता है तो वह भी संक्रमित हो जाता है और जब वह मच्छर किसी दूसरे व्यक्ति को काटता है तो उसे भी यह वायरस हो जाता है।

भारत में जीका वायरस से सक्रमण का पहला केस केरल से सामने आ चुका है एक गर्भवती महिला में जीका वायरस मिला है. महामारी के इस दौर में जीका वायरस का मामला सामने आने से लोग चिंतित हैं.

जीका वायरस एक  मच्छर-जनित वायरल संक्रमण है. ये मुख्य रूप से संक्रमित एडीज मच्छर के काटने से इंसानों में फैलता है. एडीज मच्छर से ही डेंगू, चिकनगुनिया और पीला बुखार का ट्रांसमिशन भी होता है. अगर जीका वायरस गर्भवती महिला को हो जाता है तो  उसके भ्रूण में भी गर्भवास्था के दौरान फैल सकता है और इसके कारण बच्चा अविकसित दिमाग के साथ पैदा हो सकता है या और भी कुछ दिक्कते हो सकती हैं.

जीका के लक्षण डेंगू की तरह ही होते हैं और आम तौर पर हल्के होते हैं। इसमें बुखार, दाने, आंख आना, मांसपेशियों और जोड़ों में दर्द, बेचैनी या सिरदर्द शामिल हैं। लक्षण आमतौर पर 2-7 दिनों तक रहते हैं। जीका वायरस संक्रमण वाले ज्यादातरल लोगों में लक्षण विकसित नहीं होते हैं। गुइलेन-बैरे सिंड्रोम, न्यूरोपैथी और मायलाइटिस सहित वयस्कों और बच्चों में जीका वायरस के संक्रमण से न्यूरोलॉजिकल रिस्क का एक बढ़ा जोखिम जुड़ा हुआ है।

जीका वायरस के लिए कोई ख़ास इलाज या वैक्सीन नहीं है और जीका वैक्सीन पर अभी भी रिसर्च चल रही है। संयुक्त राष्ट्र की स्वास्थ्य एजेंसी जीका के लक्षणों वाले लोगों को भरपूर आराम करने, तरल पदार्थ पीने और “सामान्य दवाओं से दर्द और बुखार का इलाज” करने की सलाह देती है।WHO का कहना है कि जीका वायरस के संक्रमण को मच्छरों के काटने से बचाकर ही रोका जा सकता है। गर्भवती महिलाओं, प्रजनन उम्र की महिलाओं और छोटे बच्चों में मच्छरों के काटने से बचाव के लिए विशेष ध्यान दिया जाना चाहिए।

जीका वायरस एक मच्छर से फैलने वाला फ्लेविवायरस है, जिसे पहली बार 1947 में युगांडा में बंदरों में पाया गया था। इसे बाद में 1952 में युगांडा और तंजानिया में इसानों में इसकी पहचाना हुई थी। जीका वायरस रोग का प्रकोप अफ्रीका, अमेरिका, एशिया और पेसिफिक तक में फैला हुआ है।

 

अगर आप इस वायरस से बचना चाहते हैं तो मच्छर से दूर रहने की कोशिश करें और अपने घर में मच्छरों के लिए अनुकूल जगहों को जैसे रुका हुआ पानी, या गंदे गमले आदि को नष्ट करें.. अगर कोई ऐसी जगह है जहाँ पर आप पानी स्टोर करके रखते हैं तो आप पानी को नियमित रूप से बदलते रहें. गर्भवती महिलाओं को ऐसे देश जाने से बचना चाहिए जहां यह वायरस फैला हुआ है। अगर आप किसी वायरस के प्रकोप वाले देश में ट्रैवल करने जा रहे हैं तो आपको पहले अपने डॉक्टर की सलाह लेनी चाहिए और फिर सावधानी पूर्वक ट्रैवल करना चाहिए।