बिहार को कोसी रेल महासेतु की सौगात, यहां जाने महासेतु के बारे में सारी जानकारी…

बिहार में विधानसभा चुनाव होने वाले है. ऐसे में चुनाव से पहले केंद्र सरकार ने बिहार को कई योजनाओं की सौगात देनी शुरू कर दी है. इसी कड़ी में आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये मिथिलांचल को जोड़ने वाले कोसी रेल महासेतु को बिहार को समर्पित किया. इसके अलावा पीएम मोदी ने 12 रेल परियोजनाओं का शुभारंभ किया. इसके साथ ही सुपौल से आसनपुर कुपहा डेमू ट्रेन के परिचालन को भी हरी झंडी दिखाई.

Kosi Rail Mahasetu Inauguration: बिहार को कोसी रेल महासेतु की सौगात, पीएम  मोदी करेंगे 12 परियोजनाओं का उद्घाटन - pm narendra modi 12 rail projects  for bihar kosi rail mega bridge inauguration

इस दौरान पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा, आज बिहार में रेल कनेक्टिविटी के क्षेत्र में नया इतिहास रचा गया है. कोसी महासेतु और किउल ब्रिज के साथ ही बिहार में रेल यातायात, रेलवे के बिजलीकरण, रेलवे में मेक इन इंडिया को बढ़ावा देने, नए रोजगार पैदा करने वाले एक दर्जन प्रोजेक्ट्स का आज लोकार्पण और शुभारंभ हुआ है.

यहां आपको बता दे कि कोसी-मिथिलांचल को जोड़ने वाले महासेतु का लंबा इतिहास रहा है. दरअसल, 1887 में निरमाली और भपटियाही (सरायगढ़) के बीच मीटर गेज लिंक का निर्माण किया गया था. लेकिन 1934 में आए भारी बाढ़ और विनाशकारी भूंकप से ये रेल लिंक तबाह हो गया. जिसके बाद कोसी और मिथिलांचल दो हिस्सों में बंट गया था. लेकिन फिर साल 2003 में भारत सरकार ने कोसी मेगा ब्रिज प्रोजेक्ट को मंजूरी दे दी थी.

पीएम मोदी ने बिहार में कोसी रेल महासेतु का किया उद्घाटन, लिच्छवी सहित दो  ट्रेनों को मिलेगी हरी झंडी | pm modi inaugurates kosi rail mahasetu in bihar  two trains including ...

यहां आपकी जानकारी के लिए बता दें कि ऐतिहासिक कोसी रेल महासेतु की लंबाई 1.9 किलोमीटर है और 516 करोड़ रुपये की लागत से इसका निर्माण हुआ है.महासेतु के शुरू होने से आसपास के इलाकों के लोगों का उत्तरपूर्वी क्षेत्रों के साथ संपर्क काफी आसान हो जाएगा.

बता दें कि कोसी रेल महासेतु का काफी लंबे समय से इंतजार किया जा रहा था. ऐसे में अब करीब 300 किमी. की दूरी 22 किमी. में सिमट कर रह जाएगी. इन प्रोजेक्ट्स से बिहार के साथ-साथ पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लोगों को भी इससे लाभ मिलेगा.