यात्री ने कहा कि सर खाना नही मिला है क्या करें, अधिकारी ने कहा- ट्रेन से कूद जाओ

शहरों से मजदूर अपने अपने गाँवों की तरह रुख कर रहे हैं. कोई ट्रेन से जा रहा है तो कोई बस से.. किसी को कोई साधन नही मिल रहा है तो वे पैदल ही अपने घर के लिए निकल पड़ रहे हैं हालाँकि इस बीच कुछ अधिकारी ऐसे भी हैं जो संवेदनहीन हैं. उन्हें इन मजदूरों के दुःख दर्द से कोई लेना देना ही नही है.ये हम ऐसे ही नही कह रहे हैं पूरी खबर पढ़िए आप पूरी कहानी खुद समझ जायेंगे!

कोरोना वायरस के चलते लॉकडाउन हुआ और शहरों से मजदूर अपने अपने घर वापस जाने लगे. ट्रेन से जाने वाले यात्रियों को सरकार सहायता पहुंचाती हैं, उनके खाने-पीने का इंतजाम करती है लेकिन अगर किसी कारण वश उनके पास सहायता ना पहुँच पाए तो कुछ अधिकारी ऐसे हैं जो मदद मांगने पर ट्रेन से कूद जाने की सलाह देते हैं. ये पूरा मामला झारखंड के रांची का है जहाँ एक अधिकारी मदद मांगने पर एक व्यक्ति को ट्रेन से कूदने की सलाह दे रहे हैं.

दरअसल एक ऑडियो क्लिप सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहा है. कथित तौर पर इस क्लिप में एक मजदूर और एपी सिंह की बातचीत दर्ज है. जिसमें एक मजदूर ट्रेन में सफर के दौरान खाना नहीं मिलने की शिकायत एपी सिंह से करता है, तो फोन पर एपी सिंह उसे ट्रेन से कूद जाने को कहते हैं. हालांकि ऑडियो क्लिप की पुष्टि हम नहीं कर रहे है.

ट्रेन से सफर कर रहे एक मजदूर ने एपी सिंह को फोन किया और उन्हें अपनी परेशानी बताई, तो आईएएस अफसर ने क्या कहा जानिए

प्रवासी मजदूरः हैलो सर, हेलो…हेलो….
एपी सिंह :  हेलो…

प्रवासी मजदूरः हेलो सर नमस्कार…
एपी सिंह :  नमस्कार…

प्रवासी मजदूरः ये फोन एपी सिंह सर के पास लगा है.
एपी सिंह:  कौन आप बोल रहे हैं…

प्रवासी मजदूरः हम लोग झारखंड के प्रवासी मजदूर बोल रहे हैं. स्पेशल ट्रेन से वापस आ रहे हैं सर… सुबह से खाना नहीं मिला है…भूख से परेशान हो गए हैं हम लोग…
एपी सिंह:  अच्छा…खाना रेलवे को देना है…रेलवे देगा खाना…

प्रवासी  मजदूरः कब देगा सर…सुबह में खाली एक पैकेट ब्रेड..एक केला और एक बोतल पानी दिया है…उसी में दिन भर काटना पड़ रहा है सर…कैसे क्या करें…
एपी सिंह: कूद जाइये वहां से…और क्या करिएगा…

प्रवासी मजदूरः कूद जाने से अच्छा रहेगा क्या…
एपी सिंह:  रास्ते में जो देना है वो हमको नहीं रेलवे को देना है…

इसके बाद फोन कट जाता है. सोचिये झारखण्ड का एक वरिष्ठ नौकरशाह अगर इस तरह का जवाब देता है तो ये बेहद शर्मिंदगी वाली बात है. सरकार को इनके खिलाफ कार्रवाई करनी चाहिए.