आईबी के पूर्व चीफ और लक्ष्य‌द्वीप के उप राज्यपाल दिनेश्वर शर्मा का अंतिम संस्कार आज

गया। असूचना ब्यूरो (आईबी) के पूर्व चीफ और लक्ष्य‌द्वीप के उप राज्यपाल दिनेश्वर शर्मा के पार्थिव शरीर को आज उनके पुत्र प्रितेश कुमार ने मुखाग्नि दी। केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह,पूर्व मुख्यमंत्री जीतनराम मांझी, विधायक प्रेम कुमार, अनिल कुमार, पूर्व विधायक रणविजय सिंह, सहित कई नेता और अधिकारी अंतिम संस्कार में उपस्थित रहें।
इसके पूर्व गया के अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर दोपहर करीब 12 बजे भारतीय वायुसेना के विशेष विमान से उनका पार्थिव शरीर पहुंचा।
हवाई अड्डा पर स्व. दिनेश्वर शर्मा के समधी बिहार के पूर्व पुलिस महानिदेशक अभयानंद, उनके के भाई अजयानंद (सेवा निवृत आईआरएस), आईबी के अतिरिक्त निदेशक एच एन मिश्रा, जोनल आईजी राकेश राठी,एसएसपी राजीव मिश्रा, डीडीसी सहित कई प्रशासनिक और पुलिस अधीकारी उपस्थित थे।
हवाई अड्डा पर स्व दिनेश्वर शर्मा के पार्थिव शरीर को गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। दिनेश्वर शर्मा के शव को पैतृक गांव बेलागंज प्रखंड के पालीगांव ले जाया गया।गया से पाली जाने के क्रम में कई स्थानों पर पार्थिव शरीर पर नागरिकों ने माल्यार्पण किया।
उल्लेखनीय है कि शुक्रवार को 1979 बैच के केरल कैडर के आईपीएस अधिकारी दिनेश्वर शर्मा की मौत इलाज के क्रम में चेन्नई के एक निजी अस्पताल में हो गई थी। दिनेश्वर शर्मा का आईबी में कार्यकाल (1जनवरी 2015-31दिसम्बर 2016) में भारतीय सेना ने मय्मांर में सर्जिकल स्ट्राइक की थी। दिनेश्वर शर्मा प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के दूत के रूप में जम्मू-कश्मीर में वार्ताकार रहे थे।
दिनेश्वर शर्मा के द्वारा सौंपे गए प्रारुप के बाद जम्मू-कश्मीर से धारा 370 और 35 ए को संसद से हटाया गया था। आईबी चीफ के रूप में दिनेश्वर शर्मा ने एक्सटेंशन को यह कहकर इंकार कर दिया था कि उनके कनीय अधिकारी राजीव जैन के प्रोमोशन पर असर पड़ेगा। ऐसे थे दिनेश्वर शर्मा जो अपना नहीं बल्कि दूसरे के हित को हमेशा ध्यान में रखते थे। उनका यह प्रयास होता था कि उनके व्यवहार से किसी को कोई कष्ट या परेशानी न हों।