यहां जानें इस साल के वो बड़े फैसले जो विवादों में रहे…

साल 2020 आने में महज कुछ ही दिन बाकी हैं। ऐसे में ये जानना हमारे लिए बेहद जरूरी हो जाता है कि जाने वाले साल में ऐसा क्या कुछ खास हुआ जिसको लेकर साल 2019 में कई विवाद खड़े हो गए या यूं कह लें कि इस साल कई ऐसे मुद्दे उठे जिसने इसे सबक और संयम का साल बना दिया। साल 2019 की शुरुआत बेहद दुखद खबर से शुरु हुई थी। शुरुआत में ही पुलवामा हमले में 40 बहादुर जवानों को हमने खो दिया लेकिन उसके बाद बालाकोट पर हमला करके हमारे बहादुर जवानों ने ये साबित कर दिया कि उनके रहते हुए आम जनता को अपने सुरक्षा की चिंता करने की कोई जरूरत नहीं है।

तो चलिए इसी कड़ी में आगे जान लेते है कि ये साल किन-किन विवादों और फैसलों के लिए इतिहास में याद किया जाएगा..इस साल ऐसे कई फैसले सरकार ने लिए जो इतिहास में अपनी एक अलग पहचान बनाता है..इसमें सबसे पहला फैसला अयोध्या विवाद को सुलझा कर उसपर फैसला लेना था..


1.अयोध्या विवाद

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9 नवंबर 2019 को सैकड़ों साल पुराने अयोध्या मामले पर सुप्रीम कोर्ट ने फैसला सुनाया। कोर्ट ने अन्य सभी पक्षों की दलीलों को खारिज करते हुए 2.77 एकड़ की भूमि रामलला विराजमान को सौंप दिया। साथ ही कोर्ट ने आदेश दिया कि सरकार तीन महीनें में एक ट्रस्ट का निर्माण करे वहीं मस्जिद के लिए अयोध्या में पांच एकड़ भूमि मुस्लिम पक्ष को दे दिया गया। अब अयोध्या में राम मंदिर के निर्माण की तैयारी शुरु हो गई है। अनुच्छेद 370 को हटाना

2- अनुच्छेद 370

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इस साल का दूसरा बड़ा फैसला रहा अनुच्छेद 370 को खत्म करना, पांच अगस्त 2019 को केंद्र सरकार ने जम्मू कश्मीर को विशेष दर्जा देने वाले अनुच्छेद 370 को खत्म कर दिया। इसके साथ ही अनुच्छेद 35ए को भी खत्म कर दिया गया। जम्मू कश्मीर में अब भारतीय संविधान पूर्ण रूप से लागू हो गया है। इसके साथ ही केंद्र ने जम्मू और कश्मीर का बटवारा करते हुए जम्मू-कश्मीर और लद्दाख दो अलग अलग नए केंद्रशासित प्रदेश बना दिया।

3-तीन तलाक पर फैसला

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तीन तलाक साल 2019 का एक महत्वपूर्ण फैसला रहा। जिसे 1 अगस्त 2019 को राष्ट्रपति के हस्ताक्षर करते ही, तीन तलाक बिल ने कानून का रूप ले लिया। अब भारत में तीन तलाक गैरकानूनी हो गया है। तीन तलाक के दोषी को तीन साल की सजा का प्रावधान है। इसके अलावा पीड़ित महिला गुजारा भत्ता की मांग कर सकती है। इस विधेयक को लोकसभा ने 25 जुलाई और राज्यसभा ने 30 जुलाई को पारित कर दिया था। ये फैसला मुस्लिम महिलाओं के लिए यादगार फैसला साबित हुआ।

4- नागरिकता संशोधन कानून विवाद

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नागरिकता संशोधन कानून एक ऐसा कानून जिसने विवादों में एक नया क्रितिमान रच दिया है। 12 दिसंबर 2019 को राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद के हस्ताक्षर के बाद नागरिकता संशोधन विधेयक, कानून में बदल गया। इस कानून के मुताबिक पाकिस्तान, अफगानिस्तान और बांग्लादेश में धार्मिक रूप से प्रताड़ित हिंदू, सिख, बौद्ध, जैन, ईसाई और पारसी लोगों को आसानी से भारत की नागरिकता मिल सकेगी। इस कानून में मुस्लिमों का नाम नहीं होने से देशभर में लगातार विरोध प्रदर्शनों का दौर जारी है। जिसे कई बड़ी पार्टियों का समर्थन भी मिल रहा है। इन प्रदर्शनों में अबतक 20 से ज्यादा लोगों की मृत्यु हो चुकी है। लेकिन विरोध थमने का नाम नहीं ले रहा है। सरकार भी लोगों को समझाने के लिए कैम्पेन चला रही है।

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इन सब विवादों के आलावा भी कई ऐसे मुद्दे रहे जो विवादों में तब्दील हो गए। इस साल के फरवरी 2019 में सीबीआई और ममता बनर्जी का विवाद काफी चर्चा में रहा। जब सीबीआई की बड़ी टीम चिटफंड घोटाले की जांच के लिए कोलाकाता पुलिस कमिश्नर राजीव कुमार के पास पहुंची तब उनमें से कुछ अधिकारियों को स्थानीय पुलिस ने हिरासत में ले लिया। इसके बाद केंद्र ने सीआरपीएफ को सीबीआई अधिकारियों की सुरक्षा के लिए तैनात कर दिया। जिसके बाद ममता बनर्जी खुद धरने पर बैठ गईं और केंद्र सरकार को खरी-खोटी सुनाई। इसके बाद पश्चिम बंगाल, आंध्र प्रदेश समेत कई अन्य राज्यों ने अपने राज्य में सीबीआई के प्रवेश पर रोक लगा दिया था।