स्मार्ट फोन को भी छोड़ दोगें! जाने ऐसी टेक्नोलोजी के बारें में

पहले जमाने में लोग चिट्ठियों के द्वरा बाते किया करते थे उसके बाद धीरे धीरे लोग टेलीफोन का उपयोग करने लगे और फिर उसके बाद लोग तेजी से आगे बढ़ते हुए और भी डिजिटल होते गये जिसके परिणाम स्वरूप आज के समय में लोग स्मार्ट फोन जैसे उपकरण उपयोग करते हैं और चुटकी बजाते ही उनके सरे कम हो जाते हैं लेकिन अब आपको जानकर ख़ुशी होगी अब इससे भी अच्छी टैकनोलोजी आने वाली हैं.

4 दिसंबर को NASA लॉन्च करेगा लेजर संदेश देने वाला सैटेलाइट, बदलेगा संचार का  तरीका - NASA LCRD Laser Communication Relay Demonstration TSTR - AajTak

दरअसल अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा 4 दिसंबर को एक ऐसा सैटेलाइट लॉन्च करने जा रहा है जो संचार के सभी तरीकों को बदलकर रख देगा. आपको बता दें की बेहद जल्द ही हमारे बात करने का तरीका बदल जायेगा. जानकारी के अनुसार नासा के इस मिशन का नाम है लेजर कम्यूनिकेशन रिले डिमॉन्स्ट्रेशन हैं. जिसमे हो ये भी सकता हैं की आपको एक इस तरह का स्मार्ट फोन मिले जो की लेजर आधारित संचार प्रणाली पर काम करते हों या फिर नेविगेशन में मदद मिले ताकि अंतरिक्ष से आने वाले संदेशों में समय कम लगे.

Studio Roosegaarde's laser light art tracks floating space debris

आपको बता दे दोस्तों की इस सैटेलाइट में डेटा को लेजर के जरिए धरती पर भेजा जाएगा. लेजर के जरिए ही उसे रिसीव भी किया जाएगा. ऐसा करने से समय की भी बचत होगी. क्योंकि रेडियो फ्रिक्वेंसी आधारित संचार में डेटा के खराब होने और देरी से मिलने की संभावना बनी रहती है. लेकिन अगर बात लेजर की करे तो इसके साथ ऐसा नही होता हैं. यह संदेशो को तेज गति के साथ भेजने का कार्य करेगा और इसके जरिए भेजे गए डेटा को मौसम, हैकिंग या कोई रेडियो फ्रिक्वेंसी डिस्टर्ब नहीं कर पाएगी.

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इसका कारण हैं की ये रेडियो फ्रिक्वेंसी से 10 से 100 गुना ज्यादा ताकतवर होगा. अगर आम भाषा में मैं आपको बताओ तो 10 से 100 गुना का मतलब होता है कि आप लेजर की ताकत के अनुसार संदेश का आदान-प्रदान कर सकते हैं वो भी कम ऊर्जा का उपयोग करके. इससे अंतरिक्षयान की बैट्री पर भी कम जोर पड़ेगा. यह एंड-टू-एंड ऑप्टिकल रिले होगा, जिसे तोड़ पाना बेहद मुश्किल होगा. असल में यह तकनीक अमेरिका के रक्षा मंत्रालय के डिफेंस स्पेस टेस्ट प्रोग्राम में लगाई जा रही है.

अगर मैं आईएसएस की खिड़की पर एक लेजर इंगित करता हूं, तो क्या अंतरिक्ष यात्री  बिंदु को देख पाएंगे? - Quora
आपको बता दें दोस्तों अभी इस सैटेलाइट के लॉन्च में नासा सिर्फ एक परीक्षण कर रहा है. हो सकता है कि इस परीक्षण में मौसम का प्रभाव पड़े. इसलिए हवाई और कैलिफोर्निया के दो पहाड़ों पर दो ग्राउंड स्टेशन बनाए गए हैं. ये इसलिए हैं ताकि बादलों से अगर लेजर रिले प्रभावित हो तो उसे सही किया जा सके. अगर यह परीक्षण सफल होता है तो भविष्य में नेविगेशन, दुश्मन की निगरानी और हमला समेत कई तरह की संचार प्रणालियां पूरी तरह से बदल जाएंगी. ऐसी ही महत्वपूर्ण जानकारियों के लिए बने रहिये हमारे साथ .

 

STORY BY – UPASANA SINGH