तेजी से बनाये जा रहे हैं “मेक इन इंडिया” वेंटिलेटर, शुरू हो गयी सप्लाई

कोरोना वायरस से लड़ाई में सबसे बड़ी जरूरतों में से एक था वेंटिलेटर… जो मरीज अधिक बीमार हो जाते हैं उन्हें वेंटिलेटर की जरूरत पड़ती हैं. ऐसे में जब कोरोना की शुरुवात हुई तो भारत पर वेंटिलेटर को लेकर सवाल खड़े किये गये थे लेकिन अब केंद्र सरकार ने कोविड महामारी के खिलाफ लड़ने के लिए देश भर के अस्पतालों में स्वदेशी वेंटिलेटर का वितरण शुरू कर दिया है. पहले चरण में, देश में निर्मित लगभग 3000 वेंटिलेटर राज्यों को वितरित किए गए हैं.

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने एक प्रेस बयान में 1 मई को, जून के महीने तक 75,000 वेंटिलेटर की अनुमानित मांग आने का संकेत दिया था. इसके अनुसार ही राज्य सरकारों की आवश्यकताओं के साथ वेंटिलेटर निर्माण के ऑर्डर दिए गए.
एक वरिष्ठ सरकारी अधिकारी ने एएनआई से कहा कि , “अब तक देश में निर्मित कम से कम 3000 वेंटिलेटर राज्यों को वितरित किए गए हैं, जिन्हें विभिन्न अस्पतालों में रखा जाएगा. वहीं कुछ को भेजा जाना अभी बाकी है.” अधिकारी ने कहा कि आने वाले दिनों में वेंटिलेटर के घरेलू उत्पादन में तेजी आने वाली है.

ख़ास बात ये है कि कई घरेलू निर्माताओं को वेंटिलेटर के आर्डर दिए गये थे. घरेलू निर्माता AgVa (ऑटोमोबाइल कंपनी- Maruti Suzuki Limited के सहयोग से) से 10,000 वेंटिलेटर की खेप मांगी गई थी. AMTZ (AP Medtech Zone) को लगभग 13,500 इकाइयों के लिए ऑर्डर मिले थे. उनके अलावा, एक अन्य भारतीय फर्म, ज्योति सीएनसी को 5,000 वेंटिलेटर बनाने के ऑर्डर मिले.

केंद्र सरकार ने अपने बयान में कहा, “देश भर में COVID-19 मामलों से निपटने के लिए बुनियादी ढांचे को बढ़ाने के लिए, 50000 ‘Made-in-India ‘वेंटिलेटर लगभग 2000 करोड़ रुपये की लागत से PM CARES फंड से खरीदे जाएंगे. ये वेंटिलेटर सभी राज्यों / केंद्रशासित प्रदेशों में सरकार की ओर से संचालित COVID अस्पतालों में, गंभीर COVID-19 मामलों के बेहतर इलाज के लिए प्रदान किए जाएंगे. “