दीदी नर्सरी योजना से आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बन रहे हैं झारखंड के कई किसान

रांची: गांव को हरा-भरा रखने और ग्रामीणों को आर्थिक रूप से स्वावलंबी बनाने की दिशा में सरकार की ओर से दीदी नर्सरी योजना चलाई जा रही है। इस योजना का लाभ उठाकर ग्रामीण अपनी आय को दोगुना करने की दिशा में काम कर रहे हैं। खेती के साथ बागवानी को बढ़ावा देकर किसानों को समृद्ध बनाने का  प्रयास सरकार की ओर से किया जा रहा है। रांची जिले के टांगर ग्राम निवासी बंधु उरांव ने दीदी नर्सरी योजना के तहत हजारों की संख्या में इमारती लकड़ियों जैसे शीशम, सागवान और गम्हार के पौधों की नर्सरी तैयार कर रहे हैं।

 

बंधु उरांव एक जागरूक किसान है। विभिन्न किसान कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी होने की वजह से वर्ष 2017-18 में इन्होंने बिरसा हरित ग्राम योजना का लाभ उठाया था। आज इनके खेतों में आम के बागान लहलहा रहे हैं। किसानों को आत्मनिर्भर और नई-नई तकनीक से अवगत कराने में झारखंड स्टेट लाइवलीहुड प्रमोशन सोसाइटी भी अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। जेएसएलपीएस के दीपक सिंह बताते हैं की  योजना के तहत अगले साल से इमारती के साथ फलदार पौधा की भी नर्सरी तैयार करने की योजना है।

 

दीदी नर्सरी या फिर दीदी बगिया के तहत राज्य भर में इमारती और फलदार वृक्ष की संख्या बढ़ाने की योजना है जिसका सीधा लाभ गांव के किसानों को मिलेगा। प्रदेश प्रवक्ता आलोक कुमार दूबे ने कहा कि अपनी काली करतूतों को छिपाने के लिए विपक्षी नेताओं , जज , सैन्य अधिकारियों और पत्रकारों का फोन हैकिंग किया जा रहा है, लेकिन इससे कुछ मिलने वाला नहीं है। हर मोर्चे पर विफल केंद्र सरकार को जवाब देने के लिए जनता पूरी तरह से तैयार है।

 

प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता लाल किशोरनाथ शाहदेव ने कहा कि यह जासूसी कांड कोई छोटी बात नहीं हैं,इससे जहां लोगों की निजता का हनन हो रहा हैं, बल्कि इसके माध्यम से ब्लैकमेलिंग जैसे अवैध धंधे को प्रोत्साहन दिया जा रहा है।
प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता राजेश गुप्ता छोटू ने