कोरोना संक्रमण से आज भी अछूते हैं खूंटी के कई जनजातीय बहुल गांव

खूंटी: आज भी जनजातीय बहुल कई ऐसे गांव हैं, जहां न तो कोरोना का प्रकोप है और न ही लोगों में इसको लेकर कोई खौफ। आदिवासी बहुल गांव के लोग कोरोना का नाम तो जानते हैं, पर यह है क्या, इससे उनका कोई लेना-देना नहीं है। गांव के लोग न तो कभी मास्क का प्रयोग करते हैं और न ही शारीरिक दूरी का पालन किया जाता है। हां, जब शहर या बाजार जाना होता है, तो पुलिस के भय से मास्क का प्रयोग कर लेते हैं। ऐसे ही तोरपा प्रखंड के मालादोन और कर्रा प्रखंड के चीदी, अंबा टोली आदि गांव हैं, जहां कोरोनो ने अब तक दस्तक नहीं दी है। चीदी गांव के सेवानिवृत्त शिक्षक अभिमन्यु गोप कहते हैं कि गांव के लोग बहुत कम ही डाॅक्टर या अस्पताल का रूख करते हैं। सर्दी, खांसी, बुखार होने पर गिलोय, कोयनार साग, भेलवा और अन्य परंपरागत जड़ी-बूटियों से अपना इलाज करते हैं।