पिघलने लगी बर्फ, मार्च में ही छूट रहा है पसीना – जानिए बदरीनाथ से दिल्ली तक अचानक क्यों बड़ी इतनी गर्मी

हिंदुस्तान में गर्मी का प्रचंड आगमन  हो चूका है।  और इसी के साथ देश के कई हिस्सों में गर्मी ने समय से पहले ही अपना प्रकोप दिखाना शुरू कर दिया है। इस साल देश के वेस्ट और नार्थ के कई राज्यों में मार्च के महीने में ही मई और जून जैसी गर्मी पड़ रही है। मार्च के महीने में हीट वेव, ऐसा किसी ने सोचा नहीं था, लेकिन इस साल ऐसा हुआ है|  गर्मी की शुरुआत में ही देश के कई राज्यों में तापमान 41 डिग्री के ऊपर पहुंच गया है | मार्च के महीने में बढे  हुए तापमान से लोग आने वाले दिनों में गर्मी की मुश्किल का अंदाज़ा रहे है। और इसी कारण से लोग काफी परेशान है, , यदि मार्च में यह हाल है तो मई और जून में क्या होगा ? लेकिन अचानक से मार्च में इतनी गर्मी बढ़ी क्यों? और अंटार्टिका से ऐसी कौन सी रिपोर्ट आयी है जिसने दुनिया भर के वैज्ञानिको को चिंता में डाल दिया है। आईये जानते है।

मार्च में दिल्ली में तापमान 41 डिग्री पंहुचा

देश की राजधानी दिल्ली में मार्च के महीने में ही गर्मी ने अपना असर दिखाना शुरु कर दिया है। लगातार बढ़ रही गर्मी के कारण  लोगो की मुश्किलें भी बढ़ रही है। दिल्ली – एनसीआर के कई इलाको में मार्च के महीने में ही तापमान ४१ डिग्री के पार पहुंच गया है।  बुधवार  में जहाँ तापमान ४० (40) डिग्री दर्ज किया गया है, उसी के साथ ही लू का प्रकोप भी बढ़ गया है। बृहपतिवार को भी लोगो को  लू के प्रकोप से कोई राहत नहीं मिलेगी।  मौसम विभाग ने आने वाले समय में तापमान के बढ़ने की आशंका जताई है। विभाग के अनुसार “उत्तर, मध्य और पश्चिम भारत में अगले ४ -५ (4-5) दिनों में गर्मी से राहत की कोई सम्भावना नहीं है। “

बद्रीनाथ में मार्च में ही तेजी से पिघलने लगी बर्फ

तापमान में आए इस बदलाव का असर बद्रीनाथ धाम तक महसूस किया जा रहा है। जो बर्फ कपाट खुलने से पहले अप्रैल तक टिकी रहती थी, वह तेजी से पिघलनी  शुरू हो गई है। । रुद्रप्रयाग, चमोली, टिहरी  जैसे ऊपरी इलाकों तक गर्मी महसूस की जा रही है। उत्तराखंड के टिहरी में ठण्ड ठीक ठाक पड़ती है, और यहाँ आमतौर पर मई के महीने में ही पंखे की जरुरत पड़ती है।  लेकिन इस साल होली के बाद से ही यहाँ गर्मी लग रही है। मौसम में यह बदलाव लोगो के लिए अप्रत्याशित है।

पर्यावरणविद् क्या कहते हैं

मौसम वैज्ञानिको के अनुसार  गर्मी का अचानक से बढ़ने की बड़ी वजह अंटार्टिका के तापमान में लगातार हो रही वृद्धि है।  मार्च के महीने में अंटार्टिका में जहां तापमान -५० डिग्री रहता था वही अब वो -१२ डिग्री है।  यानि की अंटार्टिका में -४० डिग्री तापमान का अंतर है और यह दुनिया भर के वैज्ञानिको के लिए बड़ी चिंता का विषय है।  अंटार्टिका के तापमान में ४० डिग्री के अंतर की बड़ी वजह  ग्लोबल वार्मिंग है और इस का असर अब दुनिया के सभी देशो पर पड़ रहा है। भारत भी इस से अछूता नहीं है और इसी वजह से मार्च के महीने में में ही उत्तर और पश्चिमी भारत के कई राज्यों में भीषण गर्मी पड़ रही है।

होली के बाद अचानक आया बदलाव

होली के बाद से ही मौसम में बदलाव आने लगा है। देश के कई हिस्सों में मौसम के बदलाव के कारण पंखो का इस्तेमाल शुरु हो गया है, हालांकि अभी तक ठीक से गर्मी की शुरुआत नहीं हुई है। फिर भी देश के कई हिस्सों में तापमान ४१ डिग्री पहुंच गया है। मौसम विभाग ने दिल्ली, गुजरात, विदर्भ, तेलंगाना, राजस्थान में भीषण गर्मी के साथ लू चलने की सम्भावना जताई है।  विभाग के अनुसार मार्च के महीने में औसतन 15.9 मिलीमीटर बारिश होती है।  इस साल बारिश नहीं होने के कारण गर्मी बढ़ गयी है। 

गर्मी से बचने के उपाए

बढ़ती तपिश से बचने के लिए लोग तमाम उपायों का प्रयोग कर रहे है। ठन्डे पानी के लिए मटको की डिमांड बढ़ गयी है। डॉक्टरस के अनुसार जब बहुत जरुरी हो तभी आप घर से बाहर निकले। गर्मी से बचने के किये आप अपने साथ नमक चीनी का घोल साथ ले जाये, या फिर आप निम्बू पानी, गन्ने का रस, मौसमी का जूस पी सकते है। साथ ही अगर आप बाहर जूस पी रहे है तो हाइजीन का पूरा धयान रखे। गर्मी से बचने के लिए आप तमाम उपायों का धयान रखे क्युकी यह तो गर्मी का महज शुरुआत ही है।