आज पृथ्वी से टकरा सकता है सोलर तूफान, ब्लैकआउट और हवाई यातायात बाधित होने की आशंका

सूर्य से निकलकर एक विशाल सौर ज्वाला धरती को ओर बढ़ रही है! इस भयानक सौर ज्वाला के जल्द ही पृथ्वी से टकराने की आशंका है। इससे एक शक्तिशाली सौर तूफान उत्पन्न सकता है, जो यहां रेडियो ब्लैकआउट का कारण बनने के लिए काफी है। इसकी वजह से जीपीएस नैविगेशन, मोबाइल फोन सिग्नल और सैटलाइट सिग्नल में भी रुकावट पैदा हो सकती है। राष्ट्रीय समुद्री और वायुमंडलीय प्रशासन (एनओएए) ने इसे लेकर अलर्ट जारी किया है।

यह सोलर फ्लेयर 14 जुलाई को सूर्य की सतह से फूटा था और पृथ्वी की ओर बढ़ रहा है। इस महीने की शुरुआत में भी एक भू-चुंबकीय तूफान पृथ्वी से टकराया था जिससे कनाडा के ऊपर चमकीला अरोरा (तेज रोशनी का पुंज) बन गया था। राष्ट्रीय समुद्री और वायुमंडलीय प्रशासन (एनओएए) ने इसे लेकर अलर्ट जारी किया है।

क्या हैं सोलर फ्लेयर्स? 

सौर ज्वालाएं या सोलर फ्लेयर्स, सनस्पॉट से जुड़ी चुंबकीय ऊर्जा के रिलीज होने से आने वाले विकिरण का एक तीव्र विस्फोट है. ये सोलर फ्लेयर्स सौर मंडल की सबसे बड़ी विस्फोटक घटनाएं हैं. इन विस्फोटों की ताकत अलग-अलग होती है, और इसलिए उन्हें ए, बी, सी, एम और एक्स श्रेणियों में  वर्गीकृत किया जाता है, जिसमें ए सबसे कम शक्तिशाली होता है और एक्स सबसे शक्तिशाली होता है। 

पृथ्वी पर सोलर फ्लेयर्स का प्रभाव

अधिक रेडियो ब्लैकआउट से पृथ्वी पर दिन में रेडियो संचालन को प्रभावित करने की संभावना है। जीपीएस उपयोगकर्ता सुबह और शाम के समय सतर्क रहें।” इसका मतलब है कि सौर तूफान से पृथ्वी पर जीपीएस नेविगेशन सिस्टम के ब्लैकआउट होने की उम्मीद है। यह छोटे विमानों के साथ-साथ बड़े जहाजों की यात्रा को भी बाधित करने में सक्षम है। हालांकि सौर तूफान से गंभीर विनाश की आशंका नहीं है, यह संभावित रूप से दुनिया के कुछ हिस्सों में उत्तरी रोशनी का कारण बन सकता है.

इसके कारण जीपीएस नेविगेशन, मोबाइल फोन सिग्नल और सैटेलाइट सिग्नल भी बाधित हो सकते हैं. रेडियो संचार प्रभावित हो सकता है, जिससे कुछ स्थानों पर ब्लैकआउट हो सकता है, और जहाज और हवाई यात्रियों को परेशानी आ सकती है। 

एक्स-क्लास फ्लेयर का क्या मतलब है?

सोलर फ्लेयर्स के लिए एक्स-फैक्टर सबसे तीव्र फ्लेयर्स में से एक को दर्शाता है और संख्या के साथ-साथ सौर ज्वाला की तीव्रता का प्रतीक इसकी ताकत को दर्शाता है। सौर ज्वालाओं को उनकी तीव्रता के आधार पर चार वर्गों – ए, बी, सी, एम और एक्स में वर्गीकृत किया गया है। इसमें सबसे शक्तिशाली सोलर फ्लेयर एक्स-क्लासिफाइड सोलर फ्लेयर होगा, जबकि एम दूसरा सबसे शक्तिशाली सोलर फ्लेयर है। उन्होंने सूर्य की ज्वालाओं की पृथ्वी से सीधी टक्कर की भविष्यवाणी की है।