मौसम का मिजाज : देश के कई राज्यों में भूकंप के झटके, मार्च महीने की गर्मी ने तोड़ दिया रिकॉर्ड

मौसम का मिजाज में सबसे पहले बात करेंगे सोमवार रात आये भूकंप की..सिक्किम-नेपाल बॉर्डर पर सोमवार रात 8 बजकर 49 मिनट पर भूकंप के झटके महसूस किए गए। न्यूज एजेंसी के मुताबिक, रिक्टर स्केल पर भूकंप की तीव्रता 5.4 थी। भूकंप के झटके पश्चिम बंगाल, बिहार और असम में भी महसूस किए गए हैं। फिलहाल भूकंप से हुए नुकसान की जानकारी नहीं मिल पाई है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, भूकंप का केंद्र सिक्किम की राजधानी गंगटोक से 25 किमी पूर्व और उत्तर पूर्व की तरफ जमीन में 10 किलोमीटर की गहराई पर था।

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मौसम विभाग द्के भाविष्यवाणी के मुताबिक़ अगले दो दिन बाद दिल्ली-एनसीआर के मौसम में फिर से बदलाव आने वाला है और 7 अप्रैल को जबरदस्त धूल भरी आंधी चलने की संभावना है.. इससे लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है. पिछले सप्ताह भी 3-4 दिन तक धूल भरी हवाओं ने लोगों को परेशान किया था।
वहीँ मौसम विभाग ने बताया कि ‘मार्च, 2021 के दौरान अधिकतम तापमान का अखिल भारतीय मासिक औसत 32.65 डिग्री सेल्सियस रहा जो पिछले 11 साल में सबसे गर्म है और 121 साल में तीसरा सबसे गर्म है। 2010 में यह 33.09 डिग्री और 2004 में 32.82 डिग्री सेल्सियस था।’ यहाँ आपको बता दें कि मार्च में देश के कई हिस्सों में अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस से ऊपर रिकार्ड किया गया था।
विभाग ने साथ ही कहा कि पांच से नौ अप्रैल तक उत्तर भारत के पहाड़ी और मैदानी इलाकों में अच्छी बारिश होने की संभावना है। मौसम विभाग ने बताया कि अगले 24 घंटों के दौरान दक्षिण-पश्चिम राजस्थान, अगले दो दिनों के दौरान पूर्वी राजस्थान, अगले तीन दिनों के दौरान महाराष्ट्र के विदर्भ और सात से नौ अप्रैल के दौरान मध्य प्रदेश के अलग-अलग इलाकों में लू चलने की संभावना है।

जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, गिलगिट, बाल्टिस्तान और मुजफ्फराबाद में पांच से सात अप्रैल और उत्तराखंड में छह से नौ अप्रैल के दौरान छिटपुट से अच्छी बारिश या बर्फबारी होने की संभावना है। पांच से सात अप्रैल के दौरान पंजाब, हरियाणा और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में कुछ इलाकों में बारिश हो सकती है। जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, गिलगिट, बाल्टिस्तान और मुजफ्फराबाद में छह अप्रैल, हिमाचल प्रदेश में पांच व छह अप्रैल और उत्तराखंड में छह व सात अप्रैल को ओलावृष्टि होने की भी आशंका है।
वहीँ रबी की फसल की कटाई के वक्त होने वाली बारिश से किसानों के सामने मुसीबत खड़ी हो रही है.