कोविड 19-राजस्थान के प्रयासों की पीएम ने की तारीफ, छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री बोले- मुझे तो बोलने का मौका ही नही मिला

प्रधानमंत्री मोदी ने सोमवार को राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ बैठक की थी, इस बैठक में प्रधानमंत्री मोदी ने देश के हालात पर चर्चा की थी, इस दौरान सभी राज्यों ने अपने अपने सुझाव भी दिए और प्रधानमंत्री मोदी की बातों को सुना. हालाँकि इस बैठक के बाद तो राज्यों की चर्चा हो रही है पहला राजस्थान, दूसरा छत्तीसगढ़! आइये जानते हैं क्यों?

दरअसल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ सोमवार को हुई मुख्यमंत्रियों की बैठक के बाद छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा है कि राज्यों को लॉकडाउन के मुद्दे पर फैसला लेने की छूट मिलनी चाहिए. दरअसल भूपेश बघेल ने एक न्केयूज चैनल के साथ बातचीत में बताया कि पीएम के साथ बैठके में कुछ ही मुख्यमंत्रियों को बोलने का मौका मिल. बैठक में जिन 9 मुख्यमंत्रियों को अपनी बात रखने का मौका मिला उनमें मैं नहीं था. मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने बताया कि प्रधानमंत्री के साथ बैठक में कुछ राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने कहा कि लॉकडाउन बढ़ाया जाना चाहिए. लेकिन जहां तक छत्तीसगढ़ की बात है तो राज्य में कुल 28 जिले हैं, जिनमें पहले से ही 23 जिले ग्रीन जोन वाले हैं. बाकी चार जिलों में पिछले चार सप्ताह से एक भी कोरोना पॉजिटिव नहीं मिला है

वहीँ राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ सोमवार को हुई वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए बातचीत में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की तारीफ की. पीएम मोदी ने अशोक गहलोत द्वारा राज्य में कोरोना को लेकर उठाए गए कदमों की सराहना की. इस दौरान प्रधानमंत्री ने ये भी कहा कि जिन मुख्यमंत्रियों को अपनी बात वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के दौरान रखने का मौका नहीं मिला वे अपने सुझाव लिख कर भेज सकते हैं. इसके बाद मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने 15 सूत्री सुझाव पीएम को भेजे हैं.

सीएम अशोक गहलोत ने कहा कि लॉकडाउन के कारण राज्यों के राजस्व संग्रहण पर विपरीत असर पड़ा है. ऐसे में उन्हें 1 लाख करोड़ रूपये का अनुदान उपलब्ध करवाया जाए. इसका आधार प्रति व्यक्ति जनसंख्या, कोविड महामारी का प्रकोप अथवा जीएसटी काउंसिल द्वारा निर्धारित मापदण्ड भी हो सकते हैं.

मुख्यमंत्री ने कहा कि कोरोना के कारण हर राज्य की स्थानीय परिस्थितियों एवं आर्थिक स्थिति को देखते हुए जीएसटी की व्यवस्था के अन्तर्गत राज्यों को दी जाने वाली क्षतिपूर्ति की अवधि को 5 वर्ष से बढ़ाकर 10 वर्ष किया जाए. इसके साथ ही उन्होंने कृषि समेत कई अन्य क्षेत्रों में मदद पहुंचाने की सलाह दी है.