साइकिल से सड़कों पर निकल पड़े योगी सरकार के मंत्री, दी पर्यावरण को बचाने की नसीहत

योगी सरकार में मंत्री श्रीकांत शर्मा ने ऊर्जा विभाग में इलेक्ट्रिक व्हीकल्स का उपयोग करने के निर्देश दिए हैं. उन्होंने ने ये निर्देश शुक्रवार को राजधानी लखनऊ के वृंदावन सेक्टर-5 स्थित उपकेंद्र का औचक निरीक्षण के दौरान दिए. खास बात ये रही कि ऊर्जा मंत्री खुद करीब 10 किलोमीटर साइकिल (Bicycle) चलाकर घर से सीधे उपकेंद्र निरीक्षण करने पहुंचे थे. इस दौरान उन्होंने ट्वीट कर ऐलान भी किया कि वह रोज लखनऊ आवास से शक्ति भवन कार्यालय अब नियमित रूप से साइकिल पर ही जाएंगे.

ट्वीट करते हुए श्रीकांत शर्मा ने कहा कि “इम्युनिटी बढ़ानी है-प्रदूषण घटाना है-कोरोना को हराना है।” मैं लखनऊ आवास से शक्ति भवन कार्यालय के लिए नियमित Bicycle का उपयोग करुंगा, आप भी PM श्री  @narendramodi जी के आह्वान पर बच्चों के सुरक्षित भविष्य के लिए ‘प्रदूषण मुक्त भारत अभियान’ का हिस्सा बनिए


आपको बता दें कि ऊर्जा मंत्री ने प्रबंध निदेशक को निर्देश दिए कि डिस्कॉम में डीजल गाड़ियों को हटाकर प्रक्रिया के तहत इलेक्ट्रिक गाड़ियों के उपयोग को बढ़ावा दें. कम से कम महानगरों में इसका अनुपालन सुनिश्चित किया जाए, जिससे ऊर्जा विभाग पर्यावरण के अनुकूल वातावरण निर्माण में अपना योगदान सुनिश्चित कर सके. ऐसे प्रयासों से आम लोग भी पर्यावरण के प्रति सजग हो सकेंगे. श्रीकांत शर्मा कहा कि केवल सरकार ही नहीं आम लोगों को भी इस अभियान में जुड़ना होगा. उन्होंने लोगों से अपील की कि वे स्वास्थ्य और पर्यावरण को देखते हुए साइकिल के उपयोग को बढ़ावा दें. कोरोना के कारण लोगों में स्वास्थ्य को लेकर जागरूकता बढ़ी है. ऐसे में लोग साइकिल के उपयोग को बढ़ावा देंगे तो अपने स्वास्थ्य के साथ बेहतर पर्यावरण के लिए अपनी जवाबदेही भी प्रदर्शित करेंगे.

यहाँ आपको बता दें कि कई शहरों का एयर क्वालिटी इंडेक्स (एक्यूआई) खराब स्थिति में पहुंच गया है। ज्यादातर शहरों का एक्यूआइ 300 से ऊपर है। इस समय लखनऊ केसाथ-साथ आगरा, कानपुर, वाराणसी, गाजियाबाद आदि शहरों में प्रदूषण का मात्रा बहुत ज्यादा है। इन शहरों की साफ हवा अब धूमिल हो गई है। दिल्ली में भी यही हाल है। एनसीआर के प्रमुख शहरों में एक्यूआइ 400 के करीब है। प्रदूषण का मुख्य कारण वाहनों से निकलने वाला धुआं और पराली जलाए जाना है। लाख कोशिशों के बावजूद अभी भी कई जिलों में पराली जलने की घटनाएं सामने आ रही हैं। इससे भी स्थिति और बदतर हो रही है।