भारतीय रेल ने कायम की एक बाद एक उपलब्धि, रच दिया इतिहास

भारतीय रेल ने लॉकडाउन के दौरान लोगों को खूब मदद की. इधर लॉकडाउन की वजह से पूरा देश ठ़प था दूसरी तरफ रेलवे अपनी तैयारियों में लगा हुआ था. इसका नतीजा ये रहा है कि भारतीय रेल ने ऐसा कर दिखाया जो इतिहास में पहली बार हुआ. इतना ही नही पहली बार ऐसा भी हुआ कि भारतीय रेल बिना लेट लपाट के अपने गंतव्य तक पहुंची है.

दरअसल रेल मंत्री पियूष गोयल ने ट्वीटर पर एक वीडियो साझा करते हुए जानकारी दी है कि पहली बार कोई मालगाड़ी 100 की स्पीड को पार कर सकी है. भारतीय रेलवे ने ‘मिशन शीघ्र’ (Mission Sheeghra) के तहत उत्‍तर प्रदेश के लखनऊ डिविजन में 100 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से मालगाड़ी (Freight Train) को दौड़ाने में सफलता हासिल कर ली है. रेल मंत्री पीयूष गोयल (Piyush Goyal) ने ट्वीट कर मालगाड़ी के 100 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलने की जानकारी साझा की है.

दरअसल लॉकडाउन के दौरान भारतीय रेल सामान को एक स्थान से दूसरे स्थान तक पहुंचाने में सबसे शानदार जरिया बनी. इसी दौरान रेलवे की स्पीड को भी बढाने की कोशिश की गयी. आपको बता दें कि पिछले महीने रंल मंत्रालय ने बताया था कि 21 जून 2020 तक इन ट्रेनों की औसत रफ्तार पिछले साल के मुकाबले करीब दोगुनी हो गई है. मंत्रालय के मुताबिक, जून 2018 के दौरान इन ट्रेनों की औसत रफ्तार 23 किमी प्रति घंटा था, जो जून 2020 में करीब दोगुनी होकर 42 किमी प्रति घंटा हो गई है.

वहीँ भारतीय रेलवे ने 1 जुलाई 2020 को 201 ट्रेनों का संचालन किया. ये सभी ट्रेनें तय समय पर चलीं और आखिरी स्‍टेशन तक तय समय पर ही पहुंच गईं. ऐसा पहली बार हुआ जब भारतीय रेल ने ये उपलब्धि हासिल की है.  वहीँ  कुछ समय पहले रेल मंत्री पीयूष गोयल ने ट्रेन का वीडियो साझा करते हुए कहा था कि माल से लदी हुई 177 बोगियों वाली इस मालगाड़ी का पटरी पर दौड़ना रेलवे के लिए बड़ी उपलब्धि है. यह मालगाड़ी छत्तीसगढ़ से ओडिशा तक चलाई गई. इस ट्रेन को सुपर एनाकोंडा नाम दिया गया था. जिसने 325 किमी की दूरी तय करने के दौरान 100 से अधिक उतार-चढ़ाव और विषम हालात वाले ट्रैक को पार किया. इसमें 4,000 टन से अधिक क्लिंकर, 2800 टन से अधिक सीमेंट, 2800 टन अनाज भरा था. इस दौरान सुपर एनाकोंडा की रफ्तार 50 किमी प्रति घंटा तक पहुंची, जो औसत से दोगुना है.

लॉकडाउन के दौरान भले ही देश ठप रहा हो लेकिन भारतीय रेल लगातार अपने काम में लगी हुई थी. नतीजा ये हुआ कि भारतीय रेल ने लॉकडाउन के दौरान कई बड़ी उपलब्धि हासिल में कामयाब रही है.