ब्रिटेन में मंकीपॉक्स के 470 केस, अधिकतर संक्रमित पुरुष

दुनियाभर के कई देश अभी भी कोरोना महामारी से उबरने के प्रयास में जुटे है. वहीं, एक नए वायरस ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है. मंकीपॉक्स नाम का यह वायरस ब्रिटैन में तेजी से फ़ैल रहा है। ब्रिटेन (UK) के स्वास्थ्य अधिकारियों ने देश में मंकीपॉक्स (Monkeypox) के 104 अन्य मामलों का पता लगाया है और इसके मामले अब अफ्रीका (Africa) से बाहर भी सामने आ रहे हैं। ब्रिटैन के अलावा यह वायरस  स्पेन, पुर्तगाल जैसे कई देशों में भी फैल गया है। ब्रिटेन की स्वास्थ्य सुरक्षा एजेंसी ने सोमवार को कहा कि अब देश भर में मंकीपॉक्स के 470 मामले सामने हैं, जिनमें से अधिकांश समलैंगिक या बाइसेक्सुअल पुरुषों में हैं। अभी तक अधिकांश मामले लंदन में पाए गए है। बता दे की वज्ञानिकों का कहना है की कोई  भी व्यक्ति संक्रमण की चपेट आ सकता है अगर वह मंकीपॉक्स से संक्रमित किसी व्यक्ति के शारीरिक संपर्क में आता है।

अफ्रीका के बाहर भी कई देशों में मिले कई मामले

पिछले हफ्ते, विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने कहा था कि 28 देशों से मंकीपॉक्स के 1,285 मामले सामने आए हैं, जहां मंकीपॉक्स को स्थानिक नहीं माना जाता था. अफ्रीका के बाहर कोई मौत की सूचना नहीं मिली है. ब्रिटेन के बाद सबसे ज्यादा मामले स्पेन, जर्मनी और कनाडा में सामने आए हैं।

अधिकतर संक्रमित पुरुष

ब्रिटेन के आंकड़ों के अनुसार, अब तक 99 प्रतिशत संक्रमण के मामले पुरुषों में हुए हैं और अधिकांश मामले लंदन में हैं. वैज्ञानिकों ने चेतावनी दी है कि कोई भी व्यक्ति संक्रमण की चपेट आ सकता है यदि वह मंकीपॉक्स से संक्रमित किसी व्यक्ति के शारीरिक संपर्क में आता है। 

क्या है मंकीपॉक्स?

यह बीमारी चेचक (Smallpox) से संबंधित है, जिसने 1980 में खत्म होने से पहले हर साल दुनिया भर में लाखों लोगों की जान ले ली थी. हालांकि मंकीपॉक्स (Monkeypox), जो निकट संपर्क से फैलता है, बहुत कम गंभीर होता है, जिसमें आमतौर पर तेज बुखार और चिकनपॉक्स जैसे दाने होते हैं जो कुछ हफ्तों में साफ हो जाते हैं. चेचक के लिए विकसित टीके मंकीपॉक्स को रोकने में लगभग 85 प्रतिशत प्रभावी पाए गए हैं. मंकीपॉक्स के लिए मृत्यु दर (Mortality Rate) आमतौर पर काफी कम है.

संक्रमण का प्रसार कैसे होता है?

मंकीपॉक्स किसी संक्रमित व्यक्ति या जानवर के संपर्क के माध्यम से या वायरस से दूषित सामग्री के माध्यम से मनुष्यों में फैलता है. ऐसा माना जाता है कि यह चूहों, चूहियों और गिलहरियों जैसे जानवरों से फैलता है।

बीमारी के लक्षण

मंकीपॉक्स आमतौर पर बुखार, दाने और गांठ के जरिये उभरता है और इससे कई प्रकार की चिकित्सा जटिलताएं पैदा हो सकती हैं. रोग के लक्षण आमतौर पर दो से चार सप्ताह तक दिखते हैं, जो अपने आप दूर होते चले जाते हैं. मामले गंभीर भी हो सकते हैं. हाल के समय में, मृत्यु दर का अनुपात लगभग 3-6 प्रतिशत रहा है, लेकिन यह 10 प्रतिशत तक हो सकता है. संक्रमण के वर्तमान प्रसार के दौरान मौत का कोई मामला सामने नहीं आया है।