कोरोना वायरस : मुंबई की डरावनी की हकीकत, अस्पतालों में पड़ी हैं लाशें ही लाशें!

कोरोना वायरस का कहर अब भारत भी झेल रहा है, महाराष्ट्र सबसे प्रभावित राज्य है और मुंबई सबसे प्रभावित शहर है. वहीँ मीडिया रिपोर्ट्स के जरिये जो ख़बरें सामने आ रही हैं वो बेहद खतरनाक हैं. दरअसल महाराष्ट्र में सबसे कोरोना वायरस के मरीज सबसे ज्यादा है और यहां के 60 फीसदी से ज़्यादा मरीज़ तो सिर्फ मुंबई (Mumbai) से ही है. इस हिसाब से देखने तो कोरोना का केंद्र मुंबई बन चुका है. कुछ लोग तो इसे न्यूयार्क भी कहने लगे है.

मीडिया रिपोर्ट्स में जो ख़बरें सामने आ रही हैं कि उसके मुताबिक़ यहां के कई हॉस्पिटल में लाशों का ढेर लगा है. कोरोना के डर से कई लोग डेड बॉडी लेने के लिए भी नहीं आ रहे हैं. मतलब कोरोना का डर इस कदर हावी हो गया है कि लोग अपनों की लाशें तक लेने नही आ रहे है. हालत ये गई है कि कोरोना के अलावा दूसरी बीमारियों से पीड़ित मरीजों को कोई देखने वाला नहीं है.

मीडिया में छपी रिपोर्ट के अनुसार समाचार एजेंसी ब्लूमबर्ग से बातचीत करते हुए किंग एडवर्ड मेमोरियल हॉस्पिटल के एक डॉक्टर साद अहमद ने कहा कि हर दिन कोरोना के मरीजों के लिए नए वार्ड खोले जाते हैं. लेकिन शाम तक वो कोरोना के मरीजों से भर जाते हैं. पिछले महीने तो मुंबई के एक अस्पताल का वीडियो वायरल हुआ था जहां कोरोना के मरीज लाशों के बीच इलाज करवा रहे थे. कई जगहों से ख़बरें सामने आई थी कि अस्पताल में जहाँ मरीज भर्ती हैं वहां बगल के बेड पर मृत शरीर पड़ी रहती है, उसे कोई हटाने वाला नही है.

एक नर्स ने ये भी बताया कि कोई डेड बॉडी तक लेने नही आ रहा है. लोग डर गये हैं और बॉडी को अछूत तक मानने लगे हैं. डेड हो चुकी बॉडी के कागजात तैयार हैं लेकिन कोई आकर ले जाने वाला नही है. कई हॉस्पिटल में बेड की कमी हो गई है. जिन मरीजों की हालत गंभीर रहती है उन्हें भी बेड नहीं मिल पाता है.

रविवार को महाराष्ट्र में कोविड-19 संक्रमण के 2,487 और मामले सामने आने के बाद संक्रमितों की संख्या बढ़कर 67,655 हो गई है. इसके अलावा रोगियों की मौत के साथ ही मृतकों की तादाद 2,286 पर पहुंच गई है.
1,248 कोविड-19 रोगियों को छुट्टी दे दी गई है. इसके साथ ही ठीक हो चुके लोगों की संख्या 29,329 हो गई है.