नगर आयुक्त मनमानी करने से नहीं आ रहे बाज : मेयर

रांची: मेयर आशा लकड़ा ने कहा कि नगर आयुक्त मुकेश कुमार मनमानी करने से बाज नहीं आ रहे हैं। रांची नगर निगम परिषद की 27 सितंबर को होने वाली बैठक में जिन एजेंडों पर उचित कारण बताते हुए रोक लगाई गई थी, उसे नगर आयुक्त शब्दों का खेल कर परिषद की बैठक में जोड़ चुके हैं।

मेयर ने रविवार को कहा कि परिषद की बैठक में कार्यवृत्त संख्या-नौ के तहत शिव शंकर कुमार सहायक अभियंता के संविदा अवधि विस्तार से संबंधित एजेंडा को जोड़ा गया है। इस कार्यवृत्त संख्या की जानकारी देते हुए कहा गया है कि शिव शंकर कुमार रांची नगर निगम में सहायक अभियंता के पद पर कार्यरत हैं। इनकी संविदा नियुक्ति विज्ञापन के द्वारा सूचना निर्गत कर साक्षात्कार के उपरांत की गई है। इनकी संविदा अवधि 11 मार्च 2021 को समाप्त हो रही है। इसलिए शिव शंकर कुमार की संविदा अवधि 12 मार्च 2021 से एक वर्ष के लिए विस्तारित करने का प्रस्ताव है।

मेयर ने कहा कि सहायक अभियंता शिव शंकर कुमार की संविदा अवधि 11 मार्च 2021 को समाप्त हो चुकी है न कि समाप्त हो रही है। इस संबंध में नगर आयुक्त को संविदा की अवधि समाप्त होने से पूर्व ही फरवरी माह में संविदा अवधि विस्तार से संबंधित प्रस्ताव देना चाहिए था। फरवरी माह से लेकर अब तक रांची नगर निगम परिषद व स्थाई समिति की कई बैठकें हुई, जिसमें इस प्रस्ताव को क्यों नहीं लाया गया। अब छह माह बाद इस प्रस्ताव को परिषद की बैठक में लाने का क्या औचित्य है।

नगर आयुक्त ने कार्यवृत्त संख्या-11 के तहत रांची नगर निगम क्षेत्र के आवंटित जोन-ए व जोन-बी में पोल की गिनती व दर निर्धारित करने का प्रस्ताव भी शामिल किया है, जिस पर छह सितंबर को ही रोक लगा दी गई थी। नगर आयुक्त ने इस प्रस्ताव में जानकारी दिया है कि जोन-ए में 869 एवं जोन-बी में 2782 विद्युत पोलों पर कियोस्क विज्ञापन के लिए निविदा के माध्यम से उच्चतम बोली प्रथम वर्ष के लिए 2,36,43982 रुपये विज्ञापन शुल्क कर अतिरिक्त व लाइसेंस फीस 13,11,000 रुपये के आधार पर मेसर्स गैलेक्सी कंसल्टेंसी को आवंटित कर एकरारनामा किया गया है लेकिन निविदा प्राप्त होने के बाद मेसर्स गैलेक्सी के द्वारा विद्युत पोल की संख्या कम होने की बात कही गई है। नगर आयुक्त व विधि शाखा के निर्देश पर पुनः आवंटित जोन-ए एवं ज़ोन-बी के विद्युत पोल की गिनती कराई गई।