रहस्यमयी बुखार ने तानाशाह किम जोंग उन का बढ़ाया टेंशन, 17 लाख से ज्यादा बीमार

उत्‍तर कोरिया में कोरोना वायरस (Coronavirus) का पहला मामला सामने आने के बाद अब तानाशाह के देश में रहस्यमयी ‘बुखार’ से हो रही मौतों की वजह से हड़कंप मचा है। कोरोना महामारी के प्रसार को रोकने के लिए संघर्ष कर रहे उत्तर कोरिया में रहस्यमयी बुखार से अबतक 15 लोगों की मौत हो चुकी है और 8 लाख से अधिक लोग इस बुखार की चपेट में आ चुके हैं। प्योंगयांग (Pyongyang) समेत पूरे देश में कोरोना की दहशत है। दो साल से अधिक समय से कोरोना संक्रमण से बचे रहने का दावा करने वाले उत्तर कोरिया ने घोषित किया कि देश में कोरोना संक्रमण के मामले मिले हैं. तभी से पूरे देश में रहस्यमयी बुखार की चपेट में लोग आ रहे हैं.। हालांकि किम जोंग-उन (Kim Jong-Un) के अधिकारियों ने यह साफ नहीं किया है कि उनके देश में कौन सा बुखार फैला है जिसकी वजह से ये मौतें हुईं हैं।

करीब दो लाख लोगों की निगरानी

नॉर्थ कोरिया (North Korea) की सरकार के मुताबिक पूरे देश में करीब 1,87,000 लोगों को आइसोलेट कर उनका इलाज किया जा रहा है।

हाल ही में उत्तर कोरिया में महामारी की शुरुआत होने के करीब दो साल बाद कोरोना संक्रमण पहला मामला सामने आया था. इस पहले और नए केस की पुष्टि के बाद किम जोंग उन ने देश में राष्ट्रव्यापी लॉकडाउन (Lockdown ) लगा दिया था।

विशेषज्ञों का मत

विशेषज्ञों का कहना है कि उत्तर कोरिया में कोरोना संक्रमित मरीजों के टेस्टिंग के लिए डायग्नोंस्टिक किट की कमी है. रविवार के दिन उत्तर कोरिया में 15 मौतें दर्ज की गई हैं. वहीं रहस्यमयी बुखार से अबतक 42 लोगों की मौत हो चुकी है.। वही देश में फ्लू के कुल मामले 8 लाख की संख्या को पार कर चुके हैं. वहीं लगभग 3 लाख नए मामले सामने आए हैं।

कोरोना पर कितना चेता नॉर्थ कोरिया?

गौरतलब है कि चीन के नॉर्थ कोरिया से अच्छे रिश्ते हैं और चीन में बीते कुछ महीनों से कुछ शहरों में कोरोना से हाहाकार मचा हुआ है. ऐसे में इस रहस्यमयी बुखार ने वहां की आम जनता की टेंशन बढ़ा दी है। ग्लोबल एक्सपर्ट्स का कहना है कि इस बार नॉर्थ कोरिया की खराब स्वास्थ्य व्यवस्था (हेल्थ स्ट्रक्चर) को देखते हुए वहां के लोगों को कोरोना के गंभीर नतीजे भुगतने पड़ सकते हैं।

उत्तर कोरिया में लॉकडाउन

उत्तर कोरिया में कोरोना संक्रमण से लड़ने के लिए देशव्यापी लॉकडाउन लगा दिया गया है. इस फैसले से देश की अर्थव्यवस्था पर प्रभाव पड़ सकता है. इसके अलावा अपने परमाणु कार्यक्रम और अपने स्वंय के कुप्रबंधन को लेकर संयुक्त राष्ट्र के प्रतिबंध को उत्तर कोरिया को झेलने पड़ रहे हैं।