नवजात बच्ची को फेंक कर चली गयी माँ? तेज धूप और गर्म रेत से गयी बच्ची की जान

राजस्थान के नागौर जिले से एक दिल को दहला देने वाली खबर सामने आई है. दरअसल एक तस्वीर सामने आई है जिसमें एक नवजात बच्ची बुरी तरह से झुलसी हुई दिखाई दे रही है.
कहा जा रहा है किसी ने बच्चों को जन्म के बाद ही उसे यहाँ लाकर छोड़ दिया बच्ची की मौत हो गयी लेकिन सबसे परेशान करने वाली बात ये है की बच्ची का शरीर झुलसा हुआ था …मामला जायल के पिंडिया गांव का है। बुधवार सुबह 7 बजे कुछ लोग भैरो मंदिर में दर्शन करने पहुंचे। उन्हें मंदिर से करीब 100 मीटर दूर कपड़े और प्लास्टिक बैग में कुछ चीज होने का अंदेशा हुआ। पास जाकर देखा तो वहां नवजात बच्ची का शव पड़ा था। बच्ची का शव पड़े होने की खबर पूरे गांव में आग की तरह फैल गई। मौके पर बड़ी संख्या में ग्रामीण पहुंच गए। स्थानीय लोगों की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची। नवजात के शव को अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया है।

बच्ची का शव झुलसा हुआ है.. माना जा रहा है तेज धूप की वजह से बच्ची का शरीर झुलस गया होगा हालाँकि अब पुलिस इस बात की जाँच कर रही है की आखिरकार नवजात बच्ची यहाँ पहुंची कैसे? कौन लेकर आया?
डॉक्टर अर्जुन राम सांखला ने नवजात बच्ची के शव का पोस्टमार्टम किया। उन्होंने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में बच्ची की मौत का कारण तेज धूप, धूल में पड़े रहना है। डॉक्टर ने बताया कि भ्रूण पूरे 9 माह का था और नॉर्मल डिलीवरी से हुआ है। मतलब बच्ची का जन्म साधारण तरीके से हुआ और इसके बाद उसे यहाँ लाकर छोड़ दिया गया कड़ी धूप में और रेत में पड़े रहने की वजह से बच्ची की मौत हो गयी है.
वहीँ स्थानीय लोगों का कहना कि सरकार ने राजकीय सामान्य चिकित्सालय में पालना गृह बनाया है। इसमें अनचाहे बच्चों को रखने के लिए पालना है। इसमें डालने वाले की पहचान भी नहीं होती है। अगर किसी को बच्ची नहीं चाहिए थी तो पालने में भी डाल देते। शिशु की जान तो बच सकती थी। उसकी अच्छी परवरिश हो सकती थी।
वजह चाहे जो भी रही हो बच्चों को इस तरह से फेंककर मार डालना एक नीच मानशिकता को दर्शाता है.. ये घटना वाकई निंदनीय है.