National Voters day 2021: मतदाता दिवस की शुरुआत कब, क्यों और कैसे की गई? जानिए सारी जानकारी

आज राष्ट्रीय मतदाता दिवस है. देश में हर साल 25 जनवरी को राष्ट्रीय मतदाता दिवस के रूप में मनाया जाता है. इसका उद्देश्य लोगों को मतदान और वोटर के रूप में उनके अधिकारों के प्रति जागरूक बनाना है, ताकि वे अच्छे से अपने जनप्रतिनिधि का चुनाव कर सकें. इस बार राष्ट्रीय मतदाता दिवस की थीम ‘मतदाताओं को सशक्त, सचेत, सुरक्षित और जागरूक’बनाना है.

NCC cadets conduct voter awareness rally - Uttar Pradesh Shamli City Common  Man Issues News

सोमवार आनी आज ‘राष्ट्रीय वोटर डे’ के मौके पर इलेक्शन कमिशन ने e-EPIC यानी (Electronic Electors Photo Identity Card ) की सुविधा शुरू कर दी है. इसका सीधा मतलब ये है कि अब आप घर बैठे ही अपने वोटर आईडी की पीडीएफ कॉपी डाउनलोड कर सकते हैं. यानी अब वोटर आईडी कार्ड की हार्ड कॉपी हमेशा साथ रखने की जरूरत नहीं होगी. बता दें कि नेशनल वोटर्स डे के मौके पर केंद्रीय कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद ने इस सुविधा की शुरूआत की.  इस डिजिटल वोटर आइडेंटिटी कार्ड का ये फायदा होगा कि हर बार शहर या राज्य बदलने पर नया कार्ड बनवाने की परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा. सिर्फ पता बदलकर आप फ्रेश वर्जन डाउनलोड का इस्तेमाल कर सकेंगे. बता दें कि ये एक ‘राष्ट्र-एक इलेक्शन कार्ड’ कि दिशा में बड़ा कदम है.

How to get digital voter ID card? Who is eligible? All your questions  answered

आज राष्ट्रीय मतदाता दिवस के दिन आइये जानें कि मतदाता दिवस की शुरुआत कब, क्यों और कैसे की गई…

– मतदाता दिवस का आयोजन 25 जनवरी 2011 से शुरू हुआ. इस दिन तत्कालीन राष्ट्रपत‌ि प्रतिभा पाटिल ने ‘राष्ट्रीय मतदाता दिवस’ का शुभारंभ किया था.

विश्व में भारत जैसे सबसे बड़े लोकतंत्र में मतदान को लेकर कम होते रुझान को देखते हुए राष्ट्रीय मतदाता दिवस मनाया जाने लगा. इसके मनाए जाने के पीछे निर्वाचन आयोग का उद्देश्य था कि देश भर के सभी मतदान केंद्र वाले क्षेत्रों में हर साल उन सभी मतदाताओं की पहचान की जाएगी, जिनकी उम्र एक जनवरी को 18 साल हो चुकी होगी.

इस दिन देश में सरकारों और अनेक सामाजिक संस्थाओं द्वारा लोगों को मतदान के प्रति जागरूक करने के लिए अनेक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता है. जिससे देश की राजनैतिक प्रक्रियाओं में लोगों की अधिकतम भागीदारी सुनिश्चित की जा सके.

देश में मतदान योग्‍य वयस्‍कों का पता लगाने, वोटर्स को चिन्हित करने के लिए, वोटर संख्‍या पता करने के लिए, वोटिंग को बढ़ावा देने के लिए भी मतदाता दिवस मनाया जाता है.

देश में 18 वर्ष के बाद वोटर के रूप में रजिस्टर्ड हर व्यक्ति को वोट देने का अधिकार है. किसी भी मतदाता को धर्म, जाति, वर्ण,संप्रदाय या लिंग के आधार पर मतदान से वंचित नहीं किया जा सकता है.