कोरोना के बाद सामने आया नोरो वायरस, केरल में मिले केस, जानिए कितना खतरनाक है ये संक्रामक वायरस

भारत (India) में एक बार फिर कोरोना वायरस (corona virus) के दैनिक मामलों में बढ़ोतरी देखी जा रही है। इसी बीच भारत में एक और नये वायरस ने दस्तक दे दी है। जिस कारण सरकार (government) और प्रशासन की टेंशन और बढ़ गई है। कोरोना वायरस (Corona Virus) और मंकीपॉक्स (Monkeypox) के खतरे के बीच भारत में एक नए वायरस ने टेंशन बढ़ा दी है। यानि की फिर से एक नयी महामारी की आहट सुनाई दे रही है। केरल में Norovirus के केस मिले हैं।  मामले सामने आने के बाद उन्हें निगरानी में रखा गया है।  अभी दोनों की हालत स्थिर बनी हुई है। प्रशासन इन मामलों के सामने आने के बाद अलर्ट हो गया है. लोगों के सैंपल लेकर उनकी टेस्टिंग की जा रही है।

 दो बच्चों में सामने आए मामले 

केरल की राजधानी तिरुवनंतपुरम के विझिंजम इलाके में दो बच्चे नोरोवायरस से संक्रमित पाए गए हैं।केरल की स्वास्थ्य मंत्री वीना जॉर्ज (Veena George) ने बताया कि दो बच्चों में मामले सामने आने के बाद स्थिति आकलन किया जा रहा है।  फिलहाल दोनों बच्चों की हालत स्थित बनी हुई है। ये बच्चे विझिंजामी के LMSLP School में पढ़ते थे. उन्होंने फूड पाइजनिंग और दस्त (डायरिया) की शिकायत की थी. लेकिन फिर जांच में नोरोवायरस संक्रमण का पता चला।

पिछले साल भी सामने आए थे 13 मामले 

केरल में नवंबर 2021 में पहली बार नोरोवायरस का पता चला था. तब 13 छात्र इससे संक्रमित मिले थे। यह छात्र वायनाड के एक पशु चिकित्सा कॉलेज के थे। तब सरकार ने काफी तेज एक्शन लेते हुए इसे आगे फैलने से रोक दिया था. उसके बाद केरल से Norovirus का कोई मामला अबतक सामने नहीं आया था।

 क्या है नोरो वायरस?

यह वायरस जानवरों से इंसानों में फैसले वाला वायरस है. यह वायरस गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल बीमारी का कारण बनता है. इसमें पेट से जुड़ी बीमारियां सामने आती हैं. दूषित भोजन लेने के कारण लोग इसकी चपेट में आ सकते हैं। ये वायरस एक इंसान से दूसरे इंसान में फैस सकता है. एक ही व्यक्ति एक से ज्यादा बार भी इसकी चपेट में आ सकता है।

क्या है लक्षण?

नोरोवायरस इंसानों में बेहद तेजी से फैलने वाला वायरस है। नोरोवायरस संक्रमण के के लक्षण 12 से 48 घंटे बाद दिखाई देते हैं। यह वायरस इंसानों के पेट पर अटैक करता है. इसमें आंतों में सूजन आ जाती है. इस वायरस के फैसले के बाद

दस्त, उल्टी, पेट दर्द और गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल जैसे लक्षण देखने को मिलते हैं. इसके साथ ही बुखार, सिरदर्द और शरीर में दर्द भी देखने को मिलता है। संक्रमित की उल्टी और मल से वायरस फैलने लगता है. इसलिए इससे बीमार आदमी को पूरी तरह से आइसोलेशन में रखा जाता है। आमतौर पर यह वायरस सभी उम्र के लोगों को अपनी चपेट में ले लकता है. हालांकि सही इलाज मिलने के बाद 3 से  4 दिन में आप ठीक हो सकते हैं।

क्या है उपाए

यह वायरस जानलेवा नहीं है लेकिन इसकी दवा भी अभी तक मौजूद नहीं है। पानी खूब पीना चाहिए. इसके साथ ही जानवरों के संपर्क में आने से भी बचना चाहिए। दूषित भोजन और पानी से बचना चाइये। साबुन और गुनगुने पानी से हाथों को अच्छी तरह धोने चाइये। हमेशा फ्रेश खाना खाइये और स्वच्छ और साफ़ पानी ही पीये।