नॉर्थ कोरिया में कोरोना का पहला केस मिला, किम जोंग उन ने पूरे देश में लगा दिया लॉकडाउन

कोरोना वायरस के कहर से अबतक अछूता देश उत्तर कोरिया भी अब इसकी चपेट में आ गया है। कोरोना महामारी की शुरुआत के दो साल बाद प्योंगयांग में पहला कोरोना संक्रमित मिला है. जिसके बाद कोरोना को लेकर सख्त नियमों का ऐलान किया गया। नए केस की पुष्टि के बाद किम जोंग उन ने पूरे देश में लॉकडाउन की घोषणा की है। उत्तर कोरियाई तानाशाह ने कोरोना के संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए अधिकारियों से कोविड गाइडलाइन (COVID-19 Preventive Measures)को अधिकतम स्तर तक बढ़ाने का आदेश दिया।

बुखार से हुई मौत

 उतर कोरिया की न्यूज़ एजेंसी ने बताया की शुक्रवार की सुबह उत्तर कोरिया में कोविड-19 के कारण ‘बुखार’ से 6 लोगों की मौत हो गई है। इससे पहले गुरुवार को उत्तर कोरिया में कोरोना के ओमिक्रॉन वेरिएंट का पहला मामला सामने आया था। अधिकारियों ने बताया जिस व्यक्ति में कोरोना की पुष्टि हुई है, वह कई दिनों से बुखार से पीड़ित था। बताया जा रहा है की पीड़ित व्यक्ति की जांच के बाद पता चला है की वो व्यक्ति ओमिक्रॉन वेरिएंट की चपेट में था।

टेस्ट में हुई पुष्टि

कोरियन सेंट्रल न्यूज एजेंसी ने कहा कि गुरुवार को राजधानी प्योंगयांग में कुछ लोगों का कोविड टेस्ट हुआ। इनमें कोरोना के ओमिक्रॉन वेरिएंट की पुष्टि हुई। संक्रमित हुए मरीजों को आइसोलेट कर दिया गया है। इनसब को देखे हुए तानाशाह किम जोंग उन ने देश में अनिश्चितकालीन लॉकडाउन लगा दिया  है। कोरोना वैरिएंट को रोकने के लिए सभी जरुरी ऐहतिहात बरते जा रहे हैं।

कोरोना के नियमों के सख्ती से पालन के दिए निर्देश

कोरोना का मामला सामने आने के बाद किम जोंग उन ने सत्तारूढ़ कोरियाई वर्कर्स पार्टी पोलित ब्यूरो की एक बैठक बुलाई, जहां सदस्यों ने इसके कोरोना के एंटी-वायरस उपायों को बढ़ाने का फैसला लिया। तानाशाह किम जोंग उन ने कहा है की कोरोना से बचाव वाले नियमों को सख्ती से लागू करें और लोगों से इसका पालन कराएं। इस बैठक का उद्देश्य कोरोना के ट्रांसमिशन को रोकना और कम से कम समय में इस महामारी को खत्म करना था।

 दो साल तक दूसरे देशों की यात्रा और व्यापार पर लगाया था प्रतिबंध

महामारी की शुरुआत में जहां तमामा देश कोरोना वायरस से जूझ रहे थे. तब उत्तर कोरिया ने अपने यहां जीरो कोविड केस का चौंकाने वाला दावा किया था। 2020 की शुरुआत में दुनिया भर में कोरोनावायरस फैलने से पहले उत्तर कोरिया ने वायरस को रोकने के लिए गंभीर और सख्त कदम उठाए थे। कोरोना वायरस को फैलने से रोकने के लिए उत्तर कोरिया ने खुद पर पाबंदियां लगा ली थीं, जिसके बाद वहां से खाने के सामान की कमी की ख़बरें आने लगी थीं। सरकार ने  दो साल के लिए दूसरे देशों की यात्रा और व्यापार को रोक दिया था।