एक बार फिर उत्तर कोरिया ने दागी मिसाइल, अज्ञात लक्ष्य को बनाया निशाना

उत्तर कोरिया आए दिन कुछ न कुछ ऐसा कर रहा है, जिससे पड़ोसी देशों की चिंता बढ़ती जा रही है। दक्षिण कोरिया (South Korea) की ओर से बुधवार को दावा किया गया है कि उत्तर कोरिया ने पूर्व की दिशा (North Korea Missile Test) में एक अज्ञात मिसाइल दागी है। दक्षिण कोरिया के ज्वाइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ का कहना है कि प्रक्षेपण बुधवार को किया गया था, लेकिन इस मिसाइल और इसके लक्ष्य की अभी तक कोई जानकारी नहीं मिल पाई है।

उत्तर कोरिया के नेता किम जोंग उन ने परमाणु हथियारों के विकास में तेजी लाने की कसम खाई है।प्योंगयांग में एक विशाल सैन्य परेड में किम ने भाषण के दौरान धमकी दी थी कि अगर उनके देश को फिर से उकसाया गया तो वह जरूरत पड़ने पर परमाणु हथियारों का भी इस्तेमाल कर सकते हैं। उत्तर कोरिया द्वारा किए गए मिसाइल परीक्षण की पुष्टि दक्षिण कोरिया और जापान के अधिकारियों द्वारा की गई है। मिसाइल परीक्षण उत्तर कोरिया के नेता किम जोंग-उन द्वारा प्योंगयांग में एक विशाल सैन्य परेड में दिए भाषण के एक हफ्ते बाद किया गया है। परीक्षण पर दक्षिण कोरिया के ज्वाइंट चीफ ऑफ स्टाफ ने बताया कि यह प्रक्षेपण बुधवार को किया गया। जापान का कहना है कि उत्तरी कोरिया ने शायद बैलेस्टिक मिसाइल का परीक्षण किया है।

विशेषज्ञों की राय

विशेषज्ञों का कहना है कि इसका उद्देश्य अपने हथियारों के शस्त्रागार को बढ़ावा देना और अपने प्रतिद्वंद्वियों पर अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों को कम करने के लिए दबाव डालना है। यह प्रक्षेपण उत्तर कोरिया द्वारा हथियारों के परीक्षण में सबसे नया माना जा रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि प्रतिबंधों में राहत और अन्य रियायतें हासिल करने के लिए अमेरिका पर दबाव बनाने के लिए उत्तर कोरिया लगातार हथियारों का परीक्षण कर रहा है। साल 2018 में तत्कालीन अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ बातचीत के बाद उत्तर कोरियाई नेता किम जोंग उन ने लंबी दूरी की बैलिस्टिक मिसाइल और परमाणु परीक्षणों पर रोक लगा दी थी। लेकिन  साल 2020 में किम ने दावा किया था कि वो मिसाइल परीक्षणों पर रोक के लिए बाध्य नहीं है।

एक्सपर्ट्स का कहना है कि उत्तर कोरिया स्पष्ट रूप से अंतरराष्ट्रीय आलोचनाओं से बचने के लिए अंतरिक्ष प्रक्षेपण के बहाने आईसीबीएम परीक्षण फिर से शुरू करने का प्रयास कर रहा है। बता दे की उत्तर कोरिया, 2017 में तीन आईसीबीएम उड़ान परीक्षणों के साथ अमेरिका की सरजमीं तक पहुंचने की क्षमता का प्रदर्शन कर चुका है