अब इस देश में 30 km स्पीड तय, इससे ज्यादा किया तो फंस जाएंगे

पेरिस में अब गाड़ी की स्पीड लिमिट 30 किमी. प्रति घंटा तय कर दी गई है, यानी इससे तेज़ रफ्तार में ड्राइविंग नहीं की जा सकेगी. इसी सोमवार से इस नियम को लागू कर दिया गया है. पेरिस की अलग-अलग सड़कों पर पहले ही अलग-अलग लिमिट तय की गई थी, लेकिन अब ये ऐलान किया गया है कि 30 किमी. प्रति घंटा वाला नियम पूरे शहर में लागू होगा. दावा किया गया है कि इससे लोग भी सुरक्षित होंगे, क्योंकि वाहन धीमे चलने से सड़क हादसे नहीं होंगे. अगर सड़क हादसे होते भी हैं तो मामले गंभीर नहीं होंगे. तय की गयी गति सीमा को नही मानने वालों पर कम से कम 90 यूरो यानि लगभग 8000 रूपये का जुर्माना लगाने का निर्देश दिया गया है.

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कहा जा रहा है कि इस योजना की सफलता इस बात पर निर्भर करती है कि लोग सार्वजिन वाहनों का उपयोग कितना करते हैं या फिर एक स्थान से दुसरे स्थान तक जाने के लिए बाइक या फिर पैदा चलना किसे चुनते हैं. वैसे प्रशासन की तरफ से लाये गये नए नियम से शहर के 59 फीसदी लोग सहमत भी हैं. उन्होंने सरकार के फैसले का स्वागत भी किया. हालांकि कुछ लोग इसका विरोध भी कर रहे हैं… आलोचना कर रहे लोगों का कहना है कि इस फैसले से ग्रीन हाउस उत्सर्जन में और वृद्धि होगी, कैब का किराया बढ़ जाएगा और कारोबारियों को नुकसान सहना पड़ेगा.

पेरिस में अब गाड़ियों के लिए बनी सड़कों की चौड़ाई कम करके उसकी जगह पेड़ लगाने और साइकिल की अधिक लेन बनाने फोकस किया जा रहा है. ताकि लोगों को साइक्लिंग के लिए प्रेरित किया जा सके. एक रिपोर्ट के मुताबिक, 21.6 लाख की आबादी वाले पेरिस के घने बसे इलाकों में कार से ज्यादा लोग साइकिल से चलना पसंद करते हैं, जो कई बार तेज रफ्तार वाहनों की चपेट में आ जाते हैं. ऐसे में नए नियम उनके लिए फायदेमंद होगा. परिस में लिए गये फैसले से सार्वजनिक सड़कों पर मौजूद 144, 000 पार्किंग स्थानों में से 60,000 पार्किग स्थल की जरूरत भी कम हो जाएगी… ऐसा भी माना जा रहा है. हालाँकि कुछ सड़कों को इस काननों से छूट भी मिली है

पेरिस के डिप्टी मेयर डेविड बेलियार्ड ने ट्वीटकर विरोध कर रहे लोगों से कहा है कि नहीं, 30 किमी / घंटा की गति सीमा प्रदूषण नहीं बढ़ाती है. लेकिन वास्तव में साइकिल चालकों और पैदल चलने वालों के लिए सुरक्षा में सुधारहोगा, शोर कम होगा और शहर में शान्ति रहेगी.
बता दें कि पेरिस इकलौता ऐसा शहर नहीं हैं जहां इस तरह की स्पीड लिमिट तय की गई है. स्पेन के बिलबाओ, बेल्जियम के ब्रुसेल्स समेत यूरोप के कई शहरों में इस तरह की सख्ती लागू कर दी गई है. मौसम में लगातार हो रहे परिवर्तन, प्रदूषण के मुद्दे को ध्यान में रखते हुए इस तरह के फैसले लिए जा रहे है.